उत्तर प्रदेश की शहरी सड़कों का होगा कायाकल्प
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) की ओर से लखनऊ स्थित हयात रीजेंसी में शहरी सड़कों को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करने विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के शहरी सड़क बुनियादी ढांचे के भविष्य, सड़क सुरक्षा, सतत विकास और एकीकृत शहरी परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकारी अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में मजबूत, सुरक्षित और शहरी सड़कों के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सड़क बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में भारत को अभी काफी आगे बढ़ना है। इसके लिए शहरी विकास को दीर्घकालिक और एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
शहरी सड़कों के विकास पर विशेषज्ञों ने साझा किए वैश्विक अनुभव
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पूर्व मुख्य अभियंता बी. पी. सिंह ने उत्तर प्रदेश के शहरों की मौजूदा स्थिति का साक्ष्य आधारित आकलन प्रस्तुत किया। इसमें जनसंख्या एवं पेरी-अर्बन क्षेत्रों के विस्तार, पेयजल एवं सीवर व्यवस्था, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी परिवहन एवं गतिशीलता, नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति तथा देश के अन्य राज्यों और वैश्विक शहरों के साथ तुलनात्मक अध्ययन को शामिल किया गया। कार्यशाला में स्पेन और अमेरिका में शहरी सड़कों के विकास एवं प्रबंधन से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय अनुभव भी साझा किए गए। इन सत्रों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में शहरी सड़कों के विकास के लिए वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही व्यवस्थाओं, तकनीकों और बेहतर कार्यप्रणालियों से जुड़े अनुभव सामने रखे गए।
कार्यशाला में अमित खेरा (McKinsey), अंकित गुप्ता एवं डॉ. अग्निवेश (SCULPT Lab, IIT-BHU वाराणसी), आशुतोष गौतम (IWAI), नित्या रमेश (Janagraha), डॉ. मनोज शुक्ला (Central CRRI), शशांक शेखर (Transport Planner, USA) सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार और अनुभव साझा किए।
कार्यशाला का समापन खुले विचार-विमर्श के साथ हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सड़क योजना, डिजाइन, निर्माण, स्थायित्व, सड़क सुरक्षा और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई। कार्यशाला में सामने आए सुझावों का उद्देश्य प्रदेश के शहरी सड़क बुनियादी ढांचे को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ, सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
कार्यशाला में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के वरिष्ठ अधिकारियों, एसीईओ अक्षत वर्मा सहित डॉ. ए.के. गुप्ता, निदेशक, लैंड एसेट अनलॉकिंग सेल, एसटीसी तथा डॉ. ए.के. गौतम, निदेशक, सतत विकास सेल की भी उपस्थिति रही।
