अपर परिवहन आयुक्त ने परिसर के बाहर व परिसर में खड़े आवेदकों से किया संवाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग की अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन), चित्रलेखा सिंह ने आज पूर्वाह्न 11.00 बजे राधेश्याम, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), लखनऊ के साथ सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय, विस्तार पटल, ट्रांसगोमती, देवा रोड, लखनऊ पहुंच कर कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
अपर परिवहन आयुक्त ने सर्वप्रथम कार्यालय परिसर के बाहर व परिसर में खड़े व्यक्तियों से संवाद किया। जिसमें उनके कार्यालय आने के कारण की पूछताछ की गयी। इन आवेदकों के पास उपलब्ध उनके आवेदनों एवं पहचान पत्रों का अवलोकन किया। जिससे यह पुष्टि हो सके कि यह व्यक्ति स्वयं आवेदक हैं या नहीं और पूछताछ में सभी व्यक्ति आवेदक ही पाये गये। इसके अतिरिक्त इन आवेदकों से यह भी पूछा गया कि उनसे किसी कार्मिक या व्यक्ति द्वारा कोई अतिरिक्त धनराशि की मांग तो नहीं की गयी है। इन आवेदकों द्वारा इससे इंकार किया गया।

निरीक्षण में दो कर्मचारी अनुपस्थित, वेतन रोकने के निर्देश
तत्पश्चात उन्होंने कार्यालय परिसर में कार्य कर रहे कार्मिकों की पटलों का निरीक्षण किया। कार्यालय में उपस्थित सभी सरकारी कार्मिकों द्वारा अपना आई०डी० कार्ड धारण किया गया था। लाइसेंस प्रिण्टिंग कार्य हेतु सेवा प्रदाता कम्पनी के कार्मिकों के पास कम्पनी का कोई आई०डी० कार्ड नहीं पाया गया, जिसके क्रम में श्री हिमांशु जैन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) द्वारा अवगत कराया गया कि कम्पनी द्वारा उन्हें आई०डी० कार्ड उपलब्ध नहीं कराये गये हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि सम्बन्धित कम्पनी को समस्त कार्मिकों के आई०डी० कार्ड उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया जाये एवं कार्मिकों द्वारा इसे कार्यालय में सदैव धारण किया जाये।

अपर परिवहन आयुक्त ने इसके पश्चात् कार्यालय की उपस्थिति पंजिकाओं का अवलोकन किया , जिसके अनुसार कार्यालय में 02 सरकारी कार्मिक अनुपस्थित पाये गये। उन्होंने निर्देश दिये कि अनुपस्थित कार्मिकों के वेतन रोकने की कार्यवाही की जाये। उन्होंने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की कवरेज की भी जांच की और कार्यालय में 13 सीसीटीवी कैमरे लगे पाये गये। इन कैमरों की संग्रहण क्षमता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि कैमरों की 15 दिन की रिकार्डिंग सुरक्षित रहती है। उन्होंने निर्देश दिये कि इस रिकार्डिंग को सायंकाल तक मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाये। इसके साथ ही कार्यालय के समस्त रिकार्ड रूमों का भी निरीक्षण किया। अत्याधिक रिकार्ड के दृष्टिगत कार्यालय में स्थान की कमी को देखते हुए निर्देश दिये कि मुख्यालय द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार तत्काल बिडिंग की कार्यवाही करायी जाये एवं जिन रिकार्ड की बिडिंग नहीं किया जा सकती उनकी स्कैनिंग के सम्बन्ध में भी मुख्यालय को प्रस्ताव प्रेषित किया जाये।
