यू.पी. टेक्स-2026 के प्रथम दिन के दूसरे सत्र में निवेश
लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश की मजबूत वस्त्र, कपास, हथकरघा एवं एमएसएमई आधारशिला का लाभ उठाकर प्रदेश को होम टेक्सटाइल के क्षेत्र में भी देश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। यू.पी. टेक्स-2026 के प्रथम दिन के दूसरे सत्र में “उत्तर प्रदेश में होम टेक्सटाइल क्षेत्र की संभावनाएं” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में प्रदेश में एकीकृत होम टेक्सटाइल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
विशेषज्ञों ने बेड लिनेन, तौलिया, पर्दे, अपहोल्स्ट्री, कालीन और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के क्षेत्र में प्रदेश की औद्योगिक एवं निर्यात संभावनाओं को रेखांकित किया। चर्चा में निवेश आकर्षण, क्लस्टर विकास, उन्नत प्रौद्योगिकी, डिजाइन नवाचार, सतत उत्पादन पद्धतियों और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।
UP Home Textile Sector में Investment और Export पर जोर
सत्र की अध्यक्षता आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, उत्तर प्रदेश के. विजयेंद्र पांडियन ने की, जबकि संचालन टेक्सप्रोसिल के कार्यकारी निदेशक डॉ. सिद्धार्थ राजगोपाल ने किया। पैनल में खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, एक्स्ट्रा रिटेल लिमिटेड, इजराइल के सीईओ एवं इंडिया हेड पंकज अरोड़ा, अलायंस ग्रुप के चेयरमैन राजेश प्रथुड़ी, एसएसजी फर्निशिंग्स के निदेशक चंद्र भूषण मिश्रा तथा एचएसएन इकोटेक्स के निदेशक हर्षित कठड़ ने सहभागिता की।

सत्र में प्रदेश की मौजूदा औद्योगिक क्षमता को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार की मांग से जोड़ने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि योगी सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों के साथ होम टेक्सटाइल क्षेत्र में उत्पादन, निवेश और निर्यात को नई गति मिल सकती है तथा रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
