वास्तुविद, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के प्रमाणपत्रों पर DSC से हस्ताक्षर अनिवार्य
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (Quarterly Progress Report-QPR) दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी है। प्राधिकरण ने यह निर्णय QPR के साथ अनिवार्य प्रमाणपत्रों को डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से जमा करने की नई व्यवस्था के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए लिया है। समयसीमा बढ़ाए जाने से प्रमोटर्स को नई प्रक्रिया के अनुरूप रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश में 30 सितंबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन का संदर्भ देते हुए बताया गया है कि चालू तिमाही की QPR के साथ वास्तुविद (Architect), इंजीनियर (Engineer) और चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) द्वारा जारी निर्धारित प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित करके यूपी रेरा पोर्टल पर जमा करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने और सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था के अनुरूप रिपोर्ट दाखिल करने की सुविधा देने के उद्देश्य से समयसीमा में विस्तार किया गया है।
तीनों प्रमाणपत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत वास्तुविद द्वारा REG-1, इंजीनियर द्वारा REG-2 और चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा REG-3 प्रमाणपत्र पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के माध्यम से हस्ताक्षर किए जाने हैं। इन प्रमाणपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार QPR के साथ यूपी रेरा पोर्टल पर जमा करना होगा।
डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से प्रमाणपत्रों को प्रमाणित करना रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए संबंधित पेशेवरों को निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया का पालन करना होगा। प्रमोटर्स को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि रिपोर्ट के साथ आवश्यक प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप और प्रक्रिया के अनुसार जमा किए जाएं।
पहली बार लागू हो रही व्यवस्था के कारण बढ़ाई गई समयसीमा
प्राधिकरण ने माना है कि DSC आधारित डिजिटल हस्ताक्षर और प्रमाणपत्रों को पोर्टल पर जमा करने की संशोधित प्रक्रिया पहली बार लागू की जा रही है। ऐसे में प्रमोटर्स, वास्तुविदों, इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट को नई डिजिटल कार्यप्रणाली से परिचित होने तथा इससे जुड़े तकनीकी चरणों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने QPR दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि नई व्यवस्था में बदलाव के दौरान रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके और प्रमोटर्स को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
21 अक्टूबर तक दाखिल करनी होगी QPR
यूपी रेरा ने सभी प्रमोटर्स को निर्देशित किया है कि वे 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की QPR और इसके साथ आवश्यक REG-1, REG-2 तथा REG-3 प्रमाणपत्रों को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ 21 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा कर दें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विस्तारित समयसीमा का लाभ लेते हुए सभी संबंधित पक्ष निर्धारित अवधि में रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करें। DSC आधारित प्रमाणपत्रों को जमा करने की विस्तृत प्रक्रिया और चरणबद्ध तकनीकी मार्गदर्शन यूपी रेरा पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रमोटर्स और संबंधित पेशेवर पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार रिपोर्ट दाखिल कर सकते हैं।
