संजय मिश्र।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश भर में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का आयोजन जारी है। शनिवार को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पहले दिन के प्रश्न पत्र में शामिल एक सवाल ने विवाद को जन्म दे दिया और प्रदेश की सियासत में गर्मी बढ़ा दी। विभिन्न संगठनों ने इस सवाल पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी इस मामले पर नाराजगी व्यक्त की। विवाद के बाद लखनऊ में सात लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के सामान्य हिंदी प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्नपत्र में “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे—सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट। विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई जा रही है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने इस प्रश्न पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उनका कहना है कि अन्य विकल्प किसी गुण या स्वभाव को व्यक्त करते हैं, जबकि ‘पंडित’ शब्द एक विशेष जाति या वर्ग के लिए प्रयुक्त होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रश्न समाज में ब्राह्मणों के प्रति विद्वेष फैलाने की मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भर्ती परीक्षा के प्रश्न में दिए गए विकल्पों पर गंभीर आपत्ति है और सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रश्न के माध्यम से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है और हर नागरिक की गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पंडित वाले सवाल पर देवरिया विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने सीएम को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश पुलिस सब -इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के हिंदी पेपर में आए एक बैकल्पिक प्रश्न को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बैकल्पिक प्रश्न ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’सवाल में पंडित विकल्प शामिल करने पर देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने सीएम को पत्र लिखा है। सदर विधायक ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में आयोजित पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती प्रक्रिया के प्रश्न पत्र में सम्मिलित एक प्रश्न के विकल्पों को लेकर हम सभी के हृदय में गहरा क्षोभ है और हम सभी आहत हैं। संबंधित प्रश्न की भाषा ,आशय एवं प्रस्तुति देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि वह समाज के सम्मानित एवं प्रबुद्ध वर्ग की भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से पूर्वाग्रही हो कर पुछा गया है। इसे लेकर गहरी नाराजगी है।
प्रथम दृष्टिया यह प्रकरण सामान्य त्रुटि नहीं प्रतीत होती , बल्कि सुनियोजित साजिश और एक वर्ग विशेष के विरुद्ध पूर्वाग्रहपूर्व सोच का परिणाम प्रतीत होती है।जनमानस में यह धारणा बन रही है कि हाल के दिनों में एक वर्ग विशेष को लक्षित कर अनावश्यक रूप से विवादास्पद विषय प्रस्तुत किए जा रहे हैं ,जो सामाजिक समरसता के लिए सर्वथा अनुचित है ।

