सितम्बर, 2026 में 4,611.29 करोड़ रुपए राजस्व अर्जित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नीतियों एवं अवैध शराब के कारोबार और माफिया तंत्र के खिलाफ अपनायी गयी जीरो टॉलरेन्स की नीति से आबकारी विभाग ने राजस्व प्राप्ति में नया कीर्तिमान बनाया है। विगत साढ़े चार वर्षों में विभाग ने राजस्व प्राप्ति और अवैध मदिरा के नियंत्रण में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संघन प्रवर्तन अभियान और सक्षम तकनीकी निगरानी से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर पूर्ण नियंत्रण लगाया गया। आबकारी विभाग ने राजस्व संग्रह में विगत वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के अर्धवार्षिक (अप्रैल से सितम्बर) में 29,406.50 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त
उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अर्धवार्षिक (अप्रैल से सितम्बर) में 29,406.50 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त किया, जो गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में प्राप्त राजस्व 26,149.32 करोड़ रुपए के सापेक्ष 12.46 प्रतिशत अर्थात् 3,257.18 करोड़ रुपए अधिक है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के सितम्बर माह में 4,611.29 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के इसी माह में प्राप्त राजस्व 3,1811.70 करोड़ रुपए के सापेक्ष 20.98 प्रतिशत अर्थात् 799.59 करोड़ रुपए अधिक है।
आबकारी मंत्री ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अर्धवार्षिक में अवैध शराब के विरूद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही करते हुए कुल 59,530 अभियोग दर्ज किए गए और 16.18 लाख लीटर अवैध मदिरा/मादक द्रव्य बरामद की गयी। वहीं अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त 9,522 व्यक्तियों को गिरफ्तार करते हुए 1,578 व्यक्तियों को जेल भेजा गया तथा अवैध मदिरा की तस्करी में प्रयोग किए गए 62 वाहनों को जब्त किया गया।
अवैध शराब पर जीरो टॉलरेंस से आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि
वहीं सितम्बर, 2026 में अवैध शराब के विरुद्ध की गई प्रवर्तन कार्यवाही में कुल 9,918 अभियोग दर्ज कर 2.33 लाख लीटर अवैध मदिरा/मादक द्रव्य बरामद की गयी। वहीं अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त 1,615 व्यक्तियों को गिरफ्तार करते हुए 251 व्यक्तियों को जेल भेजा गया एवं अवैध मदिरा की तस्करी में प्रयुक्त 12 वाहनों को जब्त किया गया।
उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग की राजस्व प्राप्ति में लगातार वृद्धि हो रही है और अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही। प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में आबकारी विभाग के लिए 71,278 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ समाज को नशे के दुष्प्रभाव से भी बचाना है। विभाग द्वारा किए गए प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही के कारण विगत साढ़े चार वर्षों में अवैध व जहरीली मदिरा पीने से किसी भी प्रकार की जनहानि नही हुई।
