डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार और नबीन ने बिहार विधानसभा की सचिव ख्याति सिंह के कक्ष में यह औपचारिक कदम उठाया। मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और राज्य सरकार के कई अन्य मंत्री भी उपस्थित थे।
इससे पहले दिन में नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि वह राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे, जिससे बिहार में उनके लगातार लंबे कार्यकाल का समापन होगा। उन्होंने कहा कि जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। अपनी पोस्ट में उन्होंने राज्य की जनता को धन्यवाद देते हुए लिखा, “दो दशकों से अधिक समय तक आपने लगातार मुझ पर विश्वास और समर्थन बनाए रखा। इसी भरोसे की शक्ति से हमने बिहार और आप सभी की पूरी निष्ठा के साथ सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन से ही आज बिहार विकास और गरिमा की नई पहचान प्रस्तुत कर पा रहा है।” नीतीश कुमार ने कहा कि उनके संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी क्रम में इस बार वे राज्यसभा का सदस्य बनने का निर्णय ले रहे हैं।
नीतीश कुमार पहली बार 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन उस समय अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए थे। इसके बाद 2005 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर बहुमत की सरकार बनाई। हालांकि 2014-15 में कुछ महीनों के लिए उन्होंने अपनी पार्टी से जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन इसके बाद फिर से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल के दौरान बिहार में सत्ता पर उनका लगातार दबदबा रहा और कहा जाता था कि किसी भी गठबंधन की सरकार बनी, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार ही रहते थे।
