वाणी वंदना
बीरेंद्र कुमार मिश्र “विरही”।
अखंड ज्ञान चक्षु दे धरा की पीर पढ़ सकूं।
भाव का प्रवाह दे कि प्रीत – गीत गढ़ सकूं।
बिलख रहा है विश्व यह निहार काल व्याल को।
अमर्त्य वीर बन सकूं संहार व्याल काल को।
अजश्त्र ओज,धीरता निसार दे कि बढ़ सकूं।……
तूं वार कल्पना के पंख उड़ सकूं अनंत में।
समेट लूं मैं लेखनी से दृश्य सब ज्वलंत मैं।
असीम युक्ति शक्ति दे पहाड़ भी में चढ़ सकूं।……
मैं नीर -पीर पोंछ दूं हसीन हास दे सकूं।
दुःखोँ से श्रांत भ्रांत जो नवीन आस दे सकूं।
असीम शक्ति भक्ति दे कि आपदा से लड़ सकूं।……
नमस्तु मातु शारदे चरण शरण में रख मुझे।
अनन्य प्रेम चरण तव नमन सरस्वती तुझे।
विनम्र विमल मति मिले कि रत्न हीर जड़ सकूं।…..
लेखक परिचय
वीरेंद्र कुमार मिश्र ‘विरही’ एक वरिष्ठ शिक्षाविद्, साहित्यकार, कवि एवं समाजसेवी हैं। वे पूर्व प्राचार्य हैं तथा एम.ए., बी.एड. के साथ धर्म-रत्न एवं धर्म-विशारद की उपाधियाँ प्राप्त कर चुके हैं। साहित्य, शिक्षा, संगीत और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
वे रेडियो, दूरदर्शन, चित्रपट एवं मंचीय कलाकार के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। वर्तमान में वे साहित्य शक्ति संस्थान के राष्ट्रीय संरक्षक, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के राष्ट्रीय महासचिव तथा अखिल भारतीय सर्वजन हित पार्टी के प्रमुख महासचिव के रूप में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया के ग्राम विंदवालिया (पोस्ट–नोनापार) से संबंध रखने वाले वीरेंद्र कुमार मिश्र ‘विरही’ की साहित्यिक साधना मुख्यतः हिंदी एवं भोजपुरी काव्य के क्षेत्र में रही है। उनकी रचनाओं में प्रेम, विरह, राष्ट्रभक्ति, अध्यात्म, मानवीय संवेदनाएँ तथा सामाजिक चेतना का सशक्त समन्वय देखने को मिलता है।
उन्होंने लंबे समय तक बंगाल से लेकर बिहार तक शैक्षणिक सेवाएँ प्रदान कीं और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। रेडियो, दूरदर्शन एवं मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने अपनी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतिभा का व्यापक परिचय दिया है।
उनकी साहित्यिक यात्रा में उनकी जीवनसंगिनी का विशेष सहयोग और प्रेरणा रही है, जिनके सतत प्रोत्साहन ने उनकी सृजनशीलता को नई ऊर्जा प्रदान की। आज भी वे साहित्य सृजन, समाज सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से निरंतर सक्रिय हैं तथा अपनी लेखनी से पाठकों को प्रेरित कर रहे हैं।
