विंध्याचल, चुनार और सोनभद्र के धार्मिक स्थलों को मिलेगी नई पहचान
लखनऊ/मिर्जापुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए धार्मिक स्थलों के समग्र विकास, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 48 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की 18 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
48 करोड़ की पर्यटन योजनाओं से बदलेगी मिर्जापुर मंडल की तस्वीर
मिर्जापुर मंडल के लिए प्रस्तावित इन 18 पर्यटन परियोजनाओं में मिर्जापुर की 15, भदोही की 2 और सोनभद्र की 1 परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बुनियादी पर्यटन सुविधाओं का विकास कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास कार्य संबंधित स्थलों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक और डेढ़ करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को छह माह के भीतर पूरा किया जाए।
मिर्जापुर जनपद में सबसे अधिक 15 पर्यटन विकास प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें मिर्जापुर विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन भगवान शंकर मंदिर, चुनार के शिव मंदिर तथा विंध्याचल क्षेत्र के शिवपुर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी पर्यटन सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नव दुर्गा पार्क और लाइट एंड साउंड शो की योजना
बैठक का प्रमुख आकर्षण मां विंध्यवासिनी त्रिकोण मार्ग के विकास का प्रस्ताव रहा, जिसके तहत लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न पर्यटन परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इनमें नव दुर्गा पार्क का निर्माण, लाइट एंड साउंड शो, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर और श्रद्धालुओं के लिए अन्य आधुनिक सुविधाओं का विकास शामिल है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल मां विंध्यवासिनी धाम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
भदोही जनपद में दो पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन दशहरा मेला स्थल तथा भदोही विधानसभा क्षेत्र के सीता धाम के सौंदर्यीकरण और बुनियादी पर्यटन सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव शामिल है। वहीं सोनभद्र जनपद में ओबरा स्थित शिव मंदिर के पर्यटन विकास और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।
संस्कृति विभाग की ओर से सोनभद्र जनपद के रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र स्थित इष्टिका मंदिर परिसर में बाउंड्री वॉल एवं गार्ड रूम निर्माण, परासी स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान के विकास एवं सौंदर्यीकरण तथा मिर्जापुर सदर विधानसभा क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक घंटाघर के संरक्षण एवं संवर्द्धन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।
मां विंध्यवासिनी धाम विकास कार्यों पर मंत्री ने दिए निर्देश
धर्मार्थ कार्य विभाग ने मिर्जापुर जनपद के मां विंध्यवासिनी मंदिर, मां अष्टभुजा मंदिर और मां कालिखोह मंदिर को जोड़ने वाले विंध्य पथ त्रिकोण क्षेत्र में लगभग 43.38 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही परिक्रमा पथ परियोजना और उससे संबंधित अवस्थापना सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त सोनभद्र स्थित एक शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं रखरखाव के लिए लगभग 37 लाख रुपये की लागत का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया।
बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान स्वीकृत पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, परियोजनाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा कराने के निर्देश दिए।
