लखनऊ: अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद रविवार को राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। बताया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में उनकी मौत हुई है। इस खबर से आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग घंटाघर इलाके के पास सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथ में लेकर नारे लगाए और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। कई लोगों ने छाती पीटकर विरोध दर्ज कराया तथा अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि यह एक सुनियोजित हत्या है और इसे धोखे से अंजाम दिया गया है। शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार देते हुए कहा कि इससे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी और हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल की नीतियां वैश्विक स्तर पर तनाव और हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खामेनेई केवल ईरान के सर्वोच्च नेता ही नहीं थे, बल्कि वे दुनिया भर के वंचित और उत्पीड़ित लोगों की आवाज भी थे। हालांकि, मौलाना सैफ अब्बास ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियां किस दिशा में जाएंगी, यह कहना कठिन है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि ईरान इस संकट से उबरने में सफल रहेगा।
