गंदगी और दुर्गंध से परेशान श्रद्धालु व नागरिक
लखनऊ। गोमती नदी के किनारे बसा राजधानी का चर्चित ‘गोमती रिवर फ्रंट’ जहां अपनी खूबसूरती और हरियाली के लिए जाना जाता है, वहीं इन दिनों यहां पसरी गंदगी और बदहाल व्यवस्थाएं प्रशासनिक उपेक्षा की तस्वीर पेश कर रही हैं। हाल ही में एक पारिवारिक कार्य से रिवर फ्रंट पहुंचे पेशे से इंजीनियर और सामाजिक कार्यकर्ता रवि नितेश ने परिसर की स्थिति देखकर वहां की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और लखनऊ की महापौर को टैग कर व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित किया।

तस्वीरों में एक ओर नीला आसमान, बहती गोमती और रिवर फ्रंट का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है, तो दूसरी ओर सार्वजनिक पार्कों और घाटों पर जमा कचरा और गंदगी व्यवस्था की हकीकत बयां करती नजर आती है। प्राकृतिक सुंदरता और बदहाल साफ-सफाई के इस विरोधाभास ने गोमती रिवर फ्रंट की मौजूदा स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गोमती रिवर फ्रंट पर कचरा और गंदे पानी से बढ़ी परेशानी
खाटू श्याम मंदिर के समीप स्थित रिवर फ्रंट के सार्वजनिक पार्क परिसर में महीनों से भारी मात्रा में मानव जनित कचरा, प्लास्टिक और सड़ता हुआ गंदा पानी जमा है। पार्क के शेड और कृत्रिम कुंडों में गंदा पानी ठहरने से तीखी बदबू फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। आसपास स्थित धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और सुबह-शाम टहलने पहुंचने वाले आम नागरिकों को इस गंदगी और दुर्गंध के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
छठ महापर्व जैसे प्रमुख अवसरों पर वोट बैंक और मीडिया कवरेज के लिए नगर निगम व संबंधित प्रशासनिक विभाग आनन-फानन में सफाई अभियान चलाते हैं और बैनर-होर्डिंग लगाकर इतिश्री कर लेते हैं। लेकिन त्यौहार बीतते ही पूरा परिसर साल भर के लिए लावारिस और अनदेखा छोड़ दिया जाता है।

गोमती रिवर फ्रंट पर गंदगी से बिगड़ी तस्वीर
प्रकृति की अनमोल देन गोमती नदी और इसके किनारे विकसित किए गए सार्वजनिक परिसरों की ऐसी दुर्दशा प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ओर रिवर फ्रंट को शहर की खूबसूरती और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रमुख स्थलों के रूप में विकसित किया गया है, वहीं दूसरी ओर साफ-सफाई और रखरखाव की अनदेखी इसकी पूरी तस्वीर बदल रही है। घाटों, पार्कों और आसपास के क्षेत्रों में जमा कचरा न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और सुविधा के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। जरूरत है कि संबंधित विभाग केवल विशेष अवसरों या त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से सफाई और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें। गोमती रिवर फ्रंट की खूबसूरती और उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रशासन को स्थायी और प्रभावी सफाई व्यवस्था की दिशा में गंभीरता से कदम उठाने होंगे।

