- मीडिया के सभी माध्यमो से विकास कार्यों का हो प्रभावी प्रचार-प्रसार
- ग्राम्य विकास विभाग के उत्कृष्ट कार्यों को मिले व्यापक पहचान- केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों की जानकारी जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाई जाए। उन्होंने कहा कि मीडिया के सभी माध्यमों—विशेषकर सोशल मीडिया—का उपयोग करते हुए सरकार की नीतियों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनहितकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक आसानी से पहुँच सके।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आमजन तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुँचती है, तो न केवल पात्र लाभार्थी लाभान्वित होते हैं, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होता है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम्य विकास विभाग द्वारा किए गए अनेक उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार होने से सरकार की सकारात्मक छवि और अधिक सशक्त होगी।
इन्हीं निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग द्वारा गुरुवार को विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु एक दिवसीय ‘सोशल मीडिया कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला लखनऊ स्थित जवाहर भवन के दसवें तल पर विभागीय सभागार में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने की। कार्यशाला में प्रदेश के प्रत्येक जनपद से एक-एक खण्ड विकास अधिकारी ने प्रतिभाग कर अपने अनुभव साझा किए तथा संचार रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने कहा कि सोशल मीडिया आज केवल सूचना प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंपर्क का एक सशक्त प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय गतिविधियों, प्रगति एवं जनकल्याणकारी कार्यों को नियमित रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जाए। साथ ही, भ्रामक एवं असत्य सूचनाओं का त्वरित खंडन किया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि सही जानकारी आमजन तक पहुँचे।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि योजनाओं से लाभान्वित हुए लोगों की सफलता की कहानियों को प्रमुखता से साझा किया जाए, जिससे अन्य पात्र व्यक्तियों को भी प्रेरणा मिल सके और वे योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आएं।
कार्यशाला में आमंत्रित वरिष्ठ पत्रकारों ने विभागीय जनसंपर्क को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे जमीनी कार्यों को समयबद्ध एवं तथ्यात्मक रूप से मीडिया के साथ साझा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि लाभार्थियों के व्यक्तिगत अनुभवों और उनकी जीवन यात्रा में आए सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रस्तुत करने से आमजन के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया जा सकता है।
पीटीआई के पत्रकार मजहर सलीम ने ‘डेवलपमेंट रिपोर्टिंग’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी खबरों को मुख्यधारा में लाने के लिए सोशल मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक सुविचारित रणनीति के तहत लक्षित वर्ग के साथ सतत संवाद बनाए रखा जाए, जिससे योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुँच सके।
कार्यशाला में सहायक आयुक्त (मनरेगा) अरविंद मोहन, ग्राम्य विकास विभाग के सोशल मीडिया विशेषज्ञ राजमणि पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस कार्यशाला के माध्यम से विभाग द्वारा जनसंचार के आधुनिक साधनों का उपयोग करते हुए विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जो निश्चित रूप से शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।
