TN

TotaRam News

What's Hot

भारत के स्वच्छ ऊर्जा अभियान को बढ़ावा: डॉ. जितेंद्र सिंह ने CEL की 200 मेगावाट सोलर लाइन शुरू की

Table of Content

डेस्क। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है और भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा तथा महासागर-आधारित ऊर्जा प्रणालियों सहित विभिन्न गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत की अपनी उपयोगिता और महत्ता है तथा भारत स्वच्छ ऊर्जा विस्तार और सतत विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी, सीईएल के सीएमडी श्री चेतन जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के निदेशक, सीईएल के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में नवीकरणीय ऊर्जा और स्वदेशी प्रणालियों के विकास से जुड़े क्षेत्रों में सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और सीईएल के बीच महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहयोग पहलों की भी शुरुआत हुई।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन के संचालन को भारत के स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि यह सुविधा स्वदेशी विनिर्माण तथा नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के प्रति देश के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है।
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में सीईएल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का पहला सौर सेल वर्ष 1977 में सीईएल द्वारा निर्मित किया गया था तथा देश का पहला सौर संयंत्र भी वर्ष 1979 में इसी संगठन द्वारा स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि इतनी अग्रणी उपलब्धियों के बावजूद उस समय सीईएल के योगदान को वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी वह हकदार थी, लेकिन अब यह संस्था पुनः राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रासंगिकता प्राप्त कर रही है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विनिवेश के कगार पर पहुंच चुकी संस्था से लाभ अर्जित करने वाली और राजस्व उत्पन्न करने वाली मिनी रत्न कंपनी के रूप में सीईएल का परिवर्तन संस्थागत पुनरुत्थान का उल्लेखनीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव दृढ़ नेतृत्व, नीतिगत समर्थन, संचालन अनुशासन तथा संगठन से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
मंत्री ने नई निर्माण लाइन की स्थापना की गति की सराहना की। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण 24 अप्रैल 2025 को जारी किया गया था, एक माह के भीतर सफल बोलीदाता का चयन कर लिया गया और एक वर्ष से भी कम समय में विनिर्माण सुविधा का संचालन प्रारंभ हो गया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीईएल अब वर्टिकल एक्सिस पवन टर्बाइन, हाइब्रिड नवीकरणीय प्रणालियां, डेटा सेंटर, उन्नत रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली तथा छोटे हथियार प्रणालियों जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है, जो भारत के बढ़ते तकनीकी आत्मविश्वास और रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।
रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार के नीतिगत सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को अधिक निजी भागीदारी के लिए खोला है तथा उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर आगे बढ़ रहा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वचालित मौसम अवलोकन प्रणाली (एडब्ल्यूओएस) तथा नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली के लिए सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं और सीईएल के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहलों का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में विकसित प्रौद्योगिकियों को उद्योग साझेदारी के माध्यम से व्यावसायीकरण और जन उपयोग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
मंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली अब पूर्ण रूप से स्वदेशी बन चुकी है और कहा कि स्वदेशी प्रौद्योगिकियां राष्ट्रीय आत्मविश्वास, विनिर्माण क्षमता और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करती हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन का राष्ट्र को समर्पण विकसित भारत 2047 की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है तथा यह वैज्ञानिक उत्कृष्टता को राष्ट्रीय विकास में परिवर्तित करने की भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली से समाधि स्थल तक आध्यात्मिक यात्रा, हनुमान सेतु से रवाना हुआ पर्यटकों का दल

बाबा की आध्यात्मिक विरासत से जुड़ेंगे देश-दुनिया के पर्यटक- जयवीर सिंह लखनऊ। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर बाबा नीब करौरी की भक्ति और साधना से जुड़े प्रमुख स्थलों की आध्यात्मिक यात्रा पर 30 सदस्यीय पर्यटकों का दल शुक्रवार को लखनऊ से रवाना हुआ। हनुमान सेतु से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की...

ग्राम पंचायत में योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखना चाहिए: ओम प्रकाश राजभर

गांवों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, सौर ऊर्जा और स्वच्छता कार्यों को गति देने के निर्देश लखनऊ। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट से संबंधित कार्यों तथा ग्राम पंचायतों में विकासपरक गतिविधियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को विधान भवन में बैठक आयोजित की गई। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश...

LDA वरुण विहार और नैमिष नगर योजना में प्लॉट रजिस्ट्रेशन को लेकर उत्साह, 24 घंटे में 540 आवेदन

मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन करके किया है योजनाओं का शुभारम्भ लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण की वरूण विहार एवं नैमिष नगर योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गुरूवार को भूमि पूजन करके योजनाओं का शुभारम्भ किया था, जिसके बाद शाम 6ः00 बजे से पोर्टल...

एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण बेसिक शिक्षा की अहम भूमिका

संदीप सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की लखनऊ। प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र...

UP में प्राचीन रॉक आर्ट की होगी डिजिटल मैपिंग

चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर में प्राचीन रॉक आर्ट का डिजिटल रिकॉर्ड लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चट्टानों पर उकेरी गई हजारों साल पुरानी कला से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों की दीवारों पर बने भित्तिचित्रों तक को संरक्षित किया जाएगा। प्रदेश सरकार प्राचीन रॉक आर्ट का डिजिटल रिकॉर्ड और मैपिंग तैयार कराने के साथ इन चित्रों की मौजूदा...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.