/ Oct 18, 2026

TN

TotaRam News

What's Hot

जेपी नड्डा ने देहरादून स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

Table of Content

डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज देहरादून स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और स्नातक छात्रों को उनकी शैक्षणिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने पर बधाई दी। सभा को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने दीक्षांत समारोह को विशेष और महत्वपूर्ण बताया—विशेष इसलिए क्योंकि यह वर्षों के समर्पण, दृढ़ता और परिश्रम का प्रतीक है और महत्वपूर्ण इसलिए क्योंकि यह पेशेवर जिम्मेदारी और सेवा के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने स्नातकों से चिकित्सा पेशे के सर्वोच्च आदर्शों को बनाए रखने, निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और अपने कौशल और ज्ञान को मानवता की सेवा में समर्पित करने का आग्रह किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले ग्यारह वर्षों में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास के बारे में बताते हुए कहा कि एम्स की संख्या 6 से बढ़कर 23 हो गई है जिससे पूरे देश में उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि संस्थागत प्रसवों की संख्या बढ़कर लगभग 89 प्रतिशत हो गई है जो मातृ स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण को दर्शाती है। मंत्री ने उल्लेख किया कि मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एक दशक पहले प्रति लाख जीवित जन्मों पर 130 से घटकर प्रति लाख जीवित जन्मों पर 88 हो गई है जबकि शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) प्रति हजार जीवित जन्मों पर 39 से घटकर प्रति हजार जीवित जन्मों पर 27 हो गई है जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों में निरंतर प्रगति को दर्शाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के अनुमानों का उल्‍लेख करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि भारत ने पिछले दशक में वैश्विक औसत की तुलना में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में काफी तेजी से गिरावट दर्ज की है जो लक्षित नीतिगत हस्तक्षेपों और स्वास्थ्य सेवा तक विस्तारित पहुंच के प्रभाव को दर्शाती है। तपेदिक नियंत्रण प्रयासों का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने सतत सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों और समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से तपेदिक के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है जो वैश्विक औसत कमी से कहीं बेहतर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भारत के ऐतिहासिक कोविड-19 टीकाकरण अभियान का भी उल्‍लेख किया। इसके तहत एहतियाती और बूस्टर खुराक सहित 220 करोड़ से अधिक टीके देश भर में लगाए गए जो भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के पैमाने, प्रतिरोधक्षमता और दक्षता को दर्शाता है। स्वास्थ्य सेवा में वित्तीय सुरक्षा पर जोर देते हुए श्री नड्डा ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के बारे में बताया जिसमें प्रति परिवार 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस योजना से अब लगभग 62 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है जो भारत की लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्‍या को कवर करता है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं और स्वतंत्र मूल्यांकनों से प्राप्त प्रमाणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एबी-पीएमजेएवाई ने समय पर कैंसर उपचार तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार किया है और देश भर में पात्र लाभार्थियों के लिए वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ किया है।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले एक दशक में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर जेब से होने वाले खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है जिससे परिवारों, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है। वैश्विक जनसंख्या के लगभग छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद, भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा रिपोर्ट किए गए रुझानों के अनुरूप निरंतर वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण प्रयासों के माध्यम से मलेरिया के मामलों और मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
मंत्री ने व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के महत्व का उल्‍लेख करते हुए बताया कि देशभर में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर नागरिकों के लिए प्राथमिक संपर्क बिंदु के रूप में चल रहे हैं। इनमें से 50,000 केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्‍यूएएस) के तहत प्रमाणित किया जा चुका है, और निकट भविष्य में यह संख्‍या 1 लाख तक करने का लक्ष्य है। श्री नड्डा ने अपने संबोधन का समापन करते हुए दोहराया कि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की ताकत अंततः इसके चिकित्सा पेशेवरों की प्रतिबद्धता, सक्षमता और करुणा पर निर्भर करती है।
इस अवसर पर बोलते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और विशेष रूप से दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना, चिकित्सा शिक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने राज्य और राष्ट्र के लिए कुशल स्वास्थ्य सेवा कार्यबल विकसित करने में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की भूमिका पर बल दिया। उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री धान सिंह रावत ने भी सभा को संबोधित किया और चिकित्सा एवं उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालय के योगदान की सराहना की। उन्होंने स्नातकों को अनुसंधान, नवाचार और जन स्वास्थ्य सेवाओं, विशेष रूप से वंचित क्षेत्रों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्वास्थ्य सेवा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दृष्टि से स्थापित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय हिमालयी क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में उभरा है जो चिकित्सा, पैरामेडिकल, नर्सिंग, प्रबंधन, इंजीनियरिंग और संबद्ध विज्ञानों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। इस समारोह में विभिन्न विषयों में डिग्री प्रदान की गई, जो स्नातक होने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि है। इस अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, वरिष्ठ व्यक्ति, संकाय सदस्य, अभिभावक और छात्र उपस्थित थे।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

बाराबंकी का कुर्सी रोड औद्योगिक क्षेत्र बना Food & Beverage Hub, 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार

हिलटॉप ट्रेडर्स प्रतिदिन बनाती है 24 लाख बोतल कैप, यूपी में कोका-कोला की सप्लाई चेन को दे रही मजबूती लखनऊ। बाराबंकी स्थित यूपीसीडा (UPSIDA) का कुर्सी रोड औद्योगिक क्षेत्र खाद्य प्रसंस्करण, बेवरेज एवं सहायक विनिर्माण गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र रोजगार सृजन के साथ-साथ क्षेत्रीय आपूर्ति...

लखनऊ दिवाली मेला 2026: UP IASOWA के मेले में दिखेंगे यूपी के हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी और महिला उद्यमियों के उत्पाद

लखनऊ में 24 अक्टूबर को लगेगा दिवाली मेला, भदोही की कालीन से बनारसी साड़ी तक मिलेंगे खास उत्पाद लखनऊ। लखनऊ में इस बार दिवाली की खरीदारी के साथ उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प कला और महिला उद्यमियों के हुनर को करीब से जानने का मौका मिलेगा। उत्तर प्रदेश आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन ( UP IASOWA) पहली...

यूपी FSDA की बड़ी कार्रवाई: कानपुर और ग्रेटर नोएडा की 2 हेल्थ सप्लीमेंट कंपनियों के लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश

न्यूट्रास्यूटिकल्स एवं हेल्थ सप्लीमेंट्स का निर्माण बैच मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड के बिना मिला लखनऊ। प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कानपुर नगर और गौतमबुद्ध नगर में दो न्यूट्रास्यूटिकल्स एवं हेल्थ सप्लीमेंट्स बनाने...

खुनखुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय

प्रदेश की 40 हजार मेधावी छात्राओं को जल्द मिलेगी स्कूटी; : उच्च शिक्षा मंत्री लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय शनिवार को लखनऊ के चौक स्थित खुनखुन जी गर्ल्स पी.जी. कॉलेज के भव्य वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति...

Lucknow Flood News: फैजुल्लागंज में बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण, सुरेश खन्ना ने दिए सख्त निर्देश

16 दिनों से मोर्चा संभाले महापौर, नगर आयुक्त एवं प्रशासनिक टीम के प्रयासों को सराहा लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जलनिकासी में तेजी...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.