भारत के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता का मार्ग
लखनऊ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी, लखनऊ में “India’s Thorium Mission: Three-Stage Nuclear Power Plant” विषय पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया गया।
भारत का 500 (मेगावाट इलेक्ट्रिकल) क्षमता वाला प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR), जो तमिलनाडु के कलपक्कम (Kalpakkam) में स्थित है, 6 अप्रैल 2026 को रात 08:25 बजे सफलतापूर्वक क्रिटिकल (Critical) यानी सक्रिय हो गया। ‘क्रिटिकैलिटी’ (Criticality) का मतलब है कि रिएक्टर कोर के भीतर एक नियंत्रित और आत्मनिर्भर न्यूक्लियर फिशन चेन रिएक्शन (परमाणु विखंडन श्रृंखला) शुरू हो चुकी है।
भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर चर्चा
यह उपलब्धि भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम (Three-Stage Nuclear Power Programme) के दूसरे चरण (Stage 2) की शुरुआत का प्रतीक है। इसके साथ ही व्यावसायिक स्तर पर फास्ट ब्रीडर रिएक्टर संचालित करने वाला भारत, रूस के बाद दुनिया का दूसरा देश बन गया है।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) उषा बाजपेयी, पूर्व प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय ने सहभागिता की। अपने व्याख्यान में उन्होंने भारत के थोरियम आधारित परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम तथा तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा उत्पादन प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि भारत के विशाल थोरियम भंडार देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने थोरियम आधारित रिएक्टर प्रौद्योगिकी, परमाणु ईंधन चक्र तथा ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने स्वच्छ, सुरक्षित एवं सतत ऊर्जा उत्पादन में थोरियम की उपयोगिता तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. वी. पी. सिंह, अध्यक्ष, आई.ई.आई. उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए स्वदेशी एवं दीर्घकालिक ऊर्जा स्रोतों का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि थोरियम आधारित परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने के साथ-साथ स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे उपयोगी एवं समसामयिक तकनीकी कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम की संयोजक प्रो. (डॉ.) नीलम श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के मानद सचिव इं. एन. के. निषाद ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, अभियंताओं, शिक्षाविदों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
