TN

TotaRam News

What's Hot

India-US Relations: डॉ. जितेंद्र सिंह और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विज्ञान और टेक्नोलॉजी सहयोग पर की चर्चा

Table of Content

जैव प्रौद्योगिकी, AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर अहम बैठक

Totaram.news. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने आज केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और जैव प्रौद्योगिकी, क्वांटम प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और परमाणु चिकित्सा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास, निवेश, ज्ञान के आदान-प्रदान और उद्योग-आधारित साझेदारी में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में पहली बार परमाणु अनुसंधान को निजी क्षेत्र के लिए खोला गया है। इससे उन्नत कैंसर देखभाल, निदान, ऑन्कोलॉजी अनुसंधान और आनुवंशिक मेडिसिन में नए निवेश के अवसरों, निजी क्षेत्र की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की बड़ी ताकत उसका विशाल और विविध जेनेटिक डेटा पूल है, क्योंकि देश के भीतर विभिन्न आबादी समूह एकसाथ रहते हैं। यह जैव प्रौद्योगिकी, सटीक चिकित्सा, एआई-आधारित निदान और भविष्य के स्वास्थ्य समाधानों के क्षेत्र में वैश्विक अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने रेखांकित किया कि एआई-आधारित निदान, सीक्वेंसिंग प्रौद्योगिकियों और त्वरित परीक्षण विधियों जैसे उभरते टूल स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के समय को काफी कम कर सकते हैं, जिसमें वे प्रक्रियाएं भी शामिल हैं जिनमें पारंपरिक कल्चर-आधारित तरीकों से लगभग 48 घंटे लगते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने सहयोग और अवसरों के कई ठोस संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार, सेंसिग एवं मेट्रोलॉजी विज्ञान तथा क्वांटम सामग्री एवं उपकरणों के लिए चार विषयगत केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने आठ-वर्षीय रुपरेखा के मुकाबले मात्र तीन वर्षो में मिशन के आधे से अधिक लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया हैं।

ये चर्चाएं अमेरिका-भारत ट्रस्ट (टीआरयूएसटी) पहल पर आधारित थीं, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, उन्नत सामग्री, महत्वपूर्ण खनिज और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सरकारों, शिक्षाविदों, उद्योगों और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग के लिए एक ढांचा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस पहल में विश्वसनीय प्रौद्योगिकी साझेदारी, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला, नवाचार इकोसिस्टम और संवेदनशील प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा पर बल दिया गया है, जो भारत-अमेरिका वैज्ञानिक सहयोग के अगले चरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आईयूएसएसटीएफ, यूएसआईएसटीईएफ जैसे मौजूदा मंचों और अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के साथ सहयोग को कार्यान्वयन में सहयोग देने वाले संस्थागत तंत्र के रूप में चिन्हित किया गया।

एक बड़े नीतिगत बदलाव पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने सुरक्षा और संरक्षा के जुड़े पहलुओं को बरकरार रखते हुए परमाणु क्षेत्र और परमाणु चिकित्सा से जुड़े अनुसंधान व निवेश को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से उन क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जो पहले काफी हद तक केवल सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित थे। उन्होंने संकेत दिया कि इसके अंतिम नियम आने वाले हफ्तों में जारी किए जा सकते हैं।

दोनों पक्षों ने जैव प्रौद्योगिकी, टीकाकरण सहयोग, विनियामक सामंजस्य, ऑन्कोलॉजी परीक्षण, सीएआर-टी थेरेपी, एआई-सक्षम निदान और वैश्विक अनुसंधान के लिए भारत के विविध जेनेटिक डेटा पूल के उपयोग पर भी चर्चा की। बीआईआरएसी को जैव प्रौद्योगिकी में उद्योग सहयोग के लिए एक मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया और परमाणु चिकित्सा के लिए भी इसी तरह का एक सुविधा तंत्र बनाने की संभावना जताई गई। निवेश के विषय पर केंद्रीय मंत्री ने अनुसंधान, विकास एवं नवाचार निधि का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र को अनुसंधान एवं विकास निवेश में भागीदार बनाना है। यह निधि निजी उद्योगों को लगभग 2-3 प्रतिशत ब्याज दर पर दीर्घकालिक असुरक्षित वित्तीय सहायता प्रदान करती है, ताकि उद्योग अनुसंधान और नवाचार में समान भागीदार बन सकें।

केंद्रीय मंत्री ने निवेश, कौशल विकास, ज्ञान आदान-प्रदान और अमेरिकी निवेशकों, कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों के साथ संस्थागत सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संभवतः महीने में एक बार बैठक करने वाले एक नियमित कार्य समूह का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से न केवल पूंजी, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञता, निजी क्षेत्र का अनुभव और सहयोगात्मक क्षमता भी भारत के उभरते विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आएगी। इस बैठक में अंतरिक्ष सहयोग, स्टारलिंक, देश में क्वांटम अवसंरचना, थोरियम- आधारित परमाणु प्रौद्योगिकी के लिए तकनीकी हस्तांतरण और बेंगलुरु में होने वाले आगामी अंतरिक्ष संबंधी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पिछले पांच से छह वर्षों में भारत द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने से इस क्षेत्र में बड़ी प्रगति हुई है और विश्वसनीय साझेदार देशों के साथ सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

वित्तीय प्रणाली और आम लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है डिजिटल बैंकिंगः नन्दी

बैंकिंग उत्कृष्टता और डिजिटल नवाचार को मिला सम्मान लखनऊ। होटल ताज लखनऊ में इंडियन इन्वेस्टर्स फेडरेशन ( आईआईएफ ) द्वारा आयोजित 11वें डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस दौरान मंत्री नन्दी ने बैंकिंग और...

योगी सरकार की पहल से यूपी के एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने की कवायद तेज

‘इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम’ से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को मिलेगा वैश्विक विस्तार का अवसर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। विधानसभा सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी से जर्मनी से आए प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट...

UP के MSME को मिलेगा वैश्विक बाजार, योगी सरकार की पहल, इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ

यूपी सरकार और जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस (GIBA) के बीच MoU लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय, पिकअप भवन, लखनऊ में इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर...

UP RERA Real Estate Agent Training: 48वां प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

पेशेवर कार्यप्रणाली पर जोर लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणाली और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 48वां रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। चार दिवसीय यह प्रशिक्षण बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी परिसर में शुरू हुआ। इसका आयोजन छत्रपति शाहू जी...

Surgeon Vice Admiral Dilip Raghavan ने संभाला DG Medical Services (Armed Forces) का पदभार

नौसेना चिकित्सा सेवा में रहा है लंबा अनुभव डेस्क। सर्जन वाइस एडमिरल दिलीप राघवन, वीएसएम ने 1 सितंबर 2026 को महानिदेशक चिकित्सालय सेवा (सशस्त्र बल) का पदभार ग्रहण किया। चेन्नई और मुंबई में जन्मे एवं शिक्षित सर्जन वाइस एडमिरल दिलीप राघवन ने वर्ष 1985 में सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी), पुणे में दाखिला लिया और...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.