लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हरिनारायण राजभर का रविवार को निधन हो गया। उनके परिजनों ने यह जानकारी दी। परिवार के अनुसार, 76 वर्षीय हरिनारायण राजभर को सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत के बाद शनिवार रात लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
बलिया जिले के टंगुनिया गांव में 1 जनवरी 1950 को जन्मे हरिनारायण राजभर अपने राजनीतिक जीवन में एक जमीनी, संघर्षशील और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और आम जनता से सीधे संवाद बनाए रखा। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने घोसी सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, जिसे उस क्षेत्र में भाजपा की बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना गया। उनकी इस जीत के बाद स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला और कई राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हुए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरिनारायण राजभर हमेशा आमजन की आवाज बने रहे और उन्होंने हर स्तर पर जनता की समस्याओं को उठाने में अग्रणी भूमिका निभाई। ग्रामीणों और समर्थकों के बीच वे एक सरल, सहज और उपलब्ध रहने वाले नेता के रूप में लोकप्रिय थे। क्षेत्र के लोगों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
