- डीसीसीसी के 4 वर्ष पूर्ण: नगर निकायों की मॉनिटरिंग में नई मिसाल – ए. के. शर्मा
- स्वच्छता रैंकिंग सुधार में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की अहम भूमिका
- इंटीग्रेटेड अप्रोच से बदली व्यवस्था : नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री
- वर्षाकाल एवं स्वच्छता अभियानों के लिए मंत्री ने दिए स्पष्ट निर्देश
- गरीब, सफाईकर्मी एवं मलिन बस्तियों पर विशेष फोकस के निर्देश
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा नगरी निकायों में नगरीय सुविधाओं एवं साफ-सफाई व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु स्थापित डेडीकेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (DCCC) के सफल संचालन के 4 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।गौरतलब है कि मंत्री के सुझाव पर 4 अप्रैल 2022 को इस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई थी। स्थापना के बाद से यह केंद्र लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरी निकायों की रैंकिंग सुधारने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस अवसर पर ए. के. शर्मा ने निदेशक अनुज झा एवं अपर निदेशक ऋतु सुहास सहित पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि 25 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार के गठन के बाद 4 अप्रैल 2022 को इस केंद्र की स्थापना की गई, जो तब से निरंतर क्रियाशील है और इंटीग्रेटेड भावना से कार्य कर रहा है। मंत्री ने बताया कि प्रारंभ में इस केंद्र में हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन बाद में केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर 1533 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया। साथ ही ‘संभव’ ऑनलाइन पोर्टल भी संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी ऑनलाइन आमने-सामने होकर समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने ‘संभव’ पोर्टल को एक अभिनव पहल बताया।
मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां सुधार की आवश्यकता है। जिन नगरी निकायों की स्वच्छता रैंकिंग नीचे है, उनका विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।उन्होंने आगामी वर्षाकाल के दृष्टिगत सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही प्लांटेशन एवं अन्य स्वच्छता अभियानों को प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्य की शुरुआत अपने आसपास से होती है, इसलिए रेहड़ी-पटरी पर कार्य करने वाले लोगों, गरीबों, सफाई कर्मियों एवं मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनके आवास, आयुष्मान कार्ड एवं स्वच्छता सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
अपर निदेशक ऋतु सुहास ने इस अवसर पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘जूम’ के माध्यम से दैनिक लाइव मॉनिटरिंग की जाती है तथा राज्यव्यापी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1533 एवं ‘संभव’ पोर्टल के जरिए जनसुनवाई कर शिकायतों का निस्तारण किया जाता है।उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विभिन्न अभियानों जैसे “स्वच्छता ही सेवा”, “स्वच्छ महाकुंभ”, “क्लीन टॉयलेट अभियान”, “स्वच्छ तीर्थ”, “सा दिन महा सफाई अभियान” एवं “प्लास्टिक उन्मूलन अभियान” की निगरानी भी डीसीसीसी के माध्यम से की जाती है।अपर निदेशक ने यह भी अवगत कराया कि वर्ष 2022 से अब तक कुल 3,63,510 शिकायतों के सापेक्ष 3,62,517 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। इसके साथ ही लगभग 7000 घंटे का ऐतिहासिक लाइव मॉनिटरिंग कार्य भी संपन्न किया गया है, जो इस केंद्र की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
