/ Oct 18, 2026

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अमित शाह ने भारत की पहली सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभांरभ किया

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डेस्क। अमित शाह ने आज नई दिल्ली में भारत की पहली सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभांरभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर एवं मुरलीधर मोहोल और सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 1,200 से अधिक “सारथियों” (ड्राइवर पार्टनर्स) ने भाग लिया, जो भारत टैक्सी के चालक सशक्तिकरण और सहकारी स्वामित्व आधारित मॉडल के प्रति व्यापक समर्थन को दर्शाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मालिकाना हक का एक मॉडल तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल के अंदर कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामख्या तक सहकार टैक्सी हमारे टैक्सी सार्थियों के कल्याण का एक बहुत बड़ा माध्यम बन जाएगी। श्री शाह ने कहा कि जब पहली बार उन्होंने संसद के सामने सहकार टैक्सी का विषय रखा तो बहुत सारे लोगों, खासकर टैक्सी परिचालन से जुड़ी कंपनियों, ने सवाल उठाया कि सरकार टैक्सी के क्षेत्र में क्यों प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को ‘सहकार’ और ‘सरकार’ के बीच का भेद नहीं मालूम है। श्री शाह ने कहा कि सरकार टैक्सी के क्षेत्र में प्रवेश नहीं रही, बल्कि सहकार (Cooperation) टैक्सी के क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।अमित शाह ने कहा कि शायद पूरी दुनिया में पहली बार ऐसी अनूठी कंपनी अस्तित्व में आ रही है, जिसका असली मालिक कोई व्यक्ति या बाहरी कंपनी नहीं, बल्कि टैक्सी चलाने वाला सारथी ही है। सहकार टैक्सी से जुड़े हर एक सारथी भाई-बहन ही इस सहकारी टैक्सी समिति के सच्चे मालिक हैं। उन्होंने कहा कि यह संकल्पना सहकार टैक्सी से जुड़ने वाले सारथियों के जीवन, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिति में आमूल-चूल परिवर्तन लाने वाली है। श्री शाह ने यह भी कहा कि हमारे देश में पहले ऐसे कई मॉडल सफल हो चुके हैं। सिर्फ 11 दूध उत्पादकों ने अमूल की शुरुआत की थी। आज गुजरात में 36 लाख से अधिक पशुपालक महिलाओं का विशाल वटवृक्ष खड़ा हो चुका है। यह पशुपालक महिलाएं सवा लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार करती हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल दर्शाता है कि जब आम लोग स्वयं मालिक बनते हैं, तो छोटी शुरुआत भी बहुत बड़े परिणाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि पशुपालक बहनें आज दूध बेचकर एक करोड़ रुपए तक की सालाना कमाई कर रही हैं, जो सहकारी मॉडल का कमाल है।अमित शाह ने टैक्सी सारथियों से अपील की कि वे अभी भी टैक्सी चलाते हैं, सहकार टैक्सी से जुड़ने के बाद भी टैक्सी चलाएँगे, लेकिन दोनों में एक बड़ा फर्क होगा। उन्होंने कहा कि अभी टैक्सी का पहिया किसी और की जेब में पैसे डालता है, लेकिन अब सारथियों की टैक्सी के पहिये की कमाई सारथियों की जेब में ही जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विचार सहकारिता की भावना से ही जन्म लेता है। सहकारिता का असली अर्थ यही है कि जब ढेर सारे छोटे-छोटे पूंजी वाले लोग अपनी ताकत को एकत्रित कर लेते हैं, तो वे मिलकर बहुत बड़े-बड़े काम कर पाते हैं। जिनके पास बहुत बड़ी पूंजी होती है, वे अकेले बड़ा काम करते हैं और मुनाफा भी कुछ ही लोगों तक सीमित रहता है। श्री शाह ने कहा कि आज जिस सहकारिता मॉडल की बात की जा रही है, वही आज के समय में सबसे नई और सबसे सफल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अब टैक्सी का पहिया किसी और की कमाई के लिए नहीं, बल्कि टैक्सी सारथियों की समृद्धि और खुशहाली के लिए घूमेगा। अमित शाह ने कहा कि भारत में कई विश्व-स्तरीय सहकारी मॉडल खड़े हो चुके हैं, जिनमें अमूल, इफको, कृभको जैसी संस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से किसी भी सहकारी संस्था में शुरूआती पूंजी बहुत बड़ी नहीं थी। इसी तरह सहकार टैक्सी में सबसे बड़ी शेयर पूंजी सिर्फ 500 रुपये है और वही 500 रुपये सारथियों को असली मालिक का दर्जा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह छोटी सी राशि टैक्सी सारथियों की मेहनत, आत्मसम्मान और उनकी आर्थिक आजादी की नींव बनने जा रही है। अमित शाह ने कहा कि हर पाँच साल पर होने वाले चुनाव के बाद टैक्सी सारथियों द्वारा चुने गए दो प्रतिनिधि बोर्ड में बैठेंगे। वे ही उनके हितों की देखभाल करेंगे और उनके लिए फैसले करेंगे। यही सहकारिता की आत्मा और सच्चे मालिकाना हक की भावना है। उन्होंने कहा कि सहकार टैक्सी कुल मुनाफे में सिर्फ 20 फीसदी पैसे ही अपने पास रखेगी, यानि 100 रुपए में से 20 रुपए ही सहकार टैक्सी अपने पास रखेगी, जिसके मालिक सारथी ही हैं। श्री शाह ने कहा कि सारा मुनाफा भारत टैक्सी से जुड़े सारथी के अकाउंट में ही जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के पूंजी खाते में पड़े 20 रुपए के मालिक भी सारथी ही होंगे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी की कल्पना मौजूदा तीनों प्रकार के टैक्सी वाहनों को एक साथ जोड़कर की गई है जिसमें चार पहिया टैक्सी, तीन पहिया और दो पहिया वाहन शामिल हैं। उन्होंने देश की मातृ शक्ति को संदेश दिया कि भारत टैक्सी उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखेगी। उन्होंने कहा कि हमने सारथी दीदी की एक खास संकल्पना तैयार की है जिसके तहत आने वाले समय में ऐप में ‘सारथी दीदी’ के लिए एक अलग विंडो होगी, जिसके जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाली किसी भी महिला को केवल ‘सारथी दीदी’ ही पिक करने आएंगी। श्री शाह ने कहा ‘सारथी दीदी’ दो पहिया वाहन लेकर आएंगी और बहुत कम किराए में सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाएंगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा महिलाओं के लिए बहुत बड़ी और व्यावहारिक राहत साबित होगी। आने वाले दिनों में सारथी दीदी के माध्यम से देश की मातृ शक्ति को एक सुरक्षित, किफायती और सम्मानजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। यह सिर्फ एक सेवा नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी, इफको टोक्यो इंश्योरेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कुल नौ प्रमुख संस्थाओं के साथ भारत टैक्सी ने समझौता (एमओयू) किया है। इन समझौतों के जरिए भारत टैक्सी के ग्राहकों को कई अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी और साथ ही इन सभी संस्थाओं को भारत टैक्सी की सेवाएँ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएँ अब सहकार टैक्सी की सफलता में हिस्सेदार बन चुकी हैं। यह स्वामित्व मॉडल पर आधारित नया टैक्सी कॉन्सेप्ट आज पहली बार भारत में लॉन्च किया गया है, जो न केवल सारथियों के लिए मालिकाना हक की भावना लाता है, बल्कि यात्रियों और विभिन्न संस्थाओं के लिए भी एक भरोसेमंद और सुविधाजनक विकल्प प्रस्तुत करता है। अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी द्वारा तय किया गया फिक्स्ड चार्ज सारथियों के अकाउंट से अलग रहेगा। इसके अलावा, भारत टैक्सी सारथियों की पसीने की कमाई से एक प्रतिशत भी कमीशन नहीं काटेगी, जिससे उनकी समृद्धि तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य कंपनी की पूंजी को बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत टैक्सी के असली मालिक, सारथी भाइयों और सारथी दीदियों, का मुनाफा और आय बढ़ाना है। श्री शाह ने कहा कि ग्राहक द्वारा किया गया भुगतान सीधे सारथी के अकाउंट में तत्काल ऑटोमैटिकली ट्रांसफर हो जाएगा। इसके लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसी भी सारथी का अकाउंट बिना उचित सुनवाई के बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, सारथियों का भी दायित्व है कि वे ग्राहकों के साथ अच्छा व्यवहार करें, अपनी टैक्सी की गुडविल बनाए रखें और सेवा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिकायतों की सुनवाई के लिए पूरी व्यवस्था की गई है और निष्पक्ष सुनवाई के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब तक बुकिंग फीस, प्लेटफॉर्म फीस और भारी कमीशन जैसी बातें कंपनी की बैलेंस शीट को मोटा करती थीं और सारथी की कमाई को घटाती थीं। भारत टैक्सी में ऐसी कोई फीस या कमीशन की व्यवस्था ही नहीं है और सारथी ही मालिक होंगे। यह विचार पश्चिमी सोच वाले लोगों को शायद समझ न आए, लेकिन यही सहकारिता की असली ताकत है। अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की शुरुआत सहकारिता क्षेत्र के लिए नए आयाम खोलने की भी शुरुआत है। पिछले 125 वर्षों से भारत में सहकारिता आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि सहकारी मॉडल को नए-नए क्षेत्रों में ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मालिकाना हक वाला मॉडल तैयार कर रहा है। आने वाले समय में हम तीन-चार ऐसे क्षेत्रों में इस मॉडल को आगे बढ़ाएंगे, जहां मेहनत करने वाले व्यक्ति के पसीने और परिश्रम का फल उसी के पास रहेगा। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी के चार मूल मंत्र हैं—स्वामित्व (ownership), सुरक्षा कवच (security), सम्मान (dignity) और सबका पहिया, सबकी प्रगति, यानी सभी के लिए लाभांश का उचित वितरण। इन्हीं चार उद्देश्यों के साथ भारत टैक्सी की शुरुआत हुई है और आने वाले समय में यह एक बहुत सफल प्रयोग साबित होगा। उन्होंने कहा कि 6 जून 2025 को इसकी स्थापना हुई और आज से यह कमर्शियली लॉन्च हो रही है। महज 8 महीनों के भीतर दिल्ली और गुजरात में किसी भी अन्य टैक्सी कंपनी से ज्यादा सारथी और ग्राहक भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन किसी अन्य कंपनी ने नहीं कराए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हमारे सारथी भाइयों-बहनों को इंश्योरेंस, सरकारी रोजगार योजनाओं, लोन, सब्सिडी और गिग वर्कर से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ स्वतः मिल सकेगा। हम इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं ताकि हर सारथी को पूरा सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती मिल सके।अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2020-21 में Gig Workers के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की थी। अब 2025-26 के बजट में भारत सरकार देश भर के सवा करोड़ से अधिक Gig Workers के लिए ढेर सारी योजनाएं और सुविधाएं लेकर आई हैं। पहले ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का अधिकार केवल उन लोगों को था जिनकी पेंशन कटती थी या जो औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त श्रमिक के रूप में पंजीकृत थे। अब इस सीमा को हटाकर देश के सवा करोड़ Gig Workers ई-श्रम पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी से जुड़े सभी सारथी अब आसानी से ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज अपने और अपने परिवार के लिए स्वतः उपलब्ध हो जाएगा। भारत टैक्सी से जुड़ते ही सारथियों को यह मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों के लिए उपलब्ध अन्य कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी आपके लिए अपने आप सक्रिय हो जाएंगी।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का मॉडल न केवल सारथियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि उनके सम्मान, सुरक्षा और स्वामित्व को भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के ऐप में SoS अलर्ट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, जिसके माध्यम से आपातकालीन स्थिति में तुरंत सुरक्षा और सहायता प्राप्त की जा सकती है। अभी दिल्ली-एनसीआर में आठ हेल्पलाइन और सहायता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं और आने वाले समय में देशभर में ऐसे केन्द्रों का एक व्यापक जाल बिछाया जाएगा। शिकायत निवारण की पूरी प्रक्रिया तीन स्तरों पर संचालित होगी—ऐप के माध्यम से, वेबसाइट पर और टोल-फ्री नंबर के जरिए। इसके साथ ही हमारे प्रतिनिधि नियमित रूप से सारथियों के साथ बैठकें करेंगे ताकि हर समस्या का समय पर समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि आज से सारथी hidden charges से पूरी तरह मुक्त हैं। hidden charge लेना सारथी के साथ एक तरह का छल है। टोल, पार्किंग और अन्य सभी तरह के अतिरिक्त शुल्क से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही 24 घंटे, सातों दिन हेल्पलाइन सारथियों के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगी। फिलहाल इसकी शुरुआत गुजरात के कुछ शहरों, दिल्ली और एनसीआर में हो रही है। लेकिन अगले तीन साल से भी कम समय में हम देश के हर राज्य और हर बड़े शहर तक पहुंच जाएंगे।केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हम भारत टैक्सी में बहुत सारी नई सेवाओं को शामिल करेंगे और इसे लगातार विस्तार देंगे। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के सभी ग्राहकों और सारथियों को संदेश दिया कि आज से भारत टैक्सी उनकी सेवा में पूरी तरह शुरू हो रही है। यह सिर्फ एक टैक्सी सेवा नहीं है, बल्कि हमारे देश के करोड़ों सारथियों की समृद्धि, आत्मसम्मान और आर्थिक मजबूती बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली-एनसीआर में 2.5 लाख से ज्यादा ड्राइवर भारत टैक्सी के साथ जुड़ चुके हैं, 8.5 लाख से अधिक यात्री इस परिवार का हिस्सा बन चुके हैं और कई बड़ी कंपनियों के साथ हमारे समझौते भी अंतिम चरण में हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत टैक्सी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है ।

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