योगी सरकार ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे और रोजगार को दे रही बढ़ावा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की घोषणाओं के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा एग्री रूरल एवं गंगेग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के चयनित ग्रामों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। इस अनूठी पहल का उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति, लोक कला, कृषि आधारित अनुभव एवं लोक जीवन के साथ गंगा तटीय विरासत को जोड़ते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका को बढ़ावा देना है। परियोजना के अंतर्गत पर्यटन ग्रामों में होम-स्टे, फार्म-स्टे, पर्यटन की आधारभूत संरचनाओं को विकास तथा स्थानीय महिलाओं, युवाओं, होम-स्टे संचालकों एवं अन्य हितधारकों का कौशल विकास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण पर्यटन को एक मजबूत आधार मिल रहा है।
ग्रामीण पर्यटन को मिले राष्ट्रीय सम्मान
यह जानकारी मंगलवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि पर्यटन अब शहरों की ओर से चलकर गांवों की ओर अग्रसर है, इससे युवा पीढ़ी जुड़ रही है, क्योंकि पर्यटन में रोजगार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजी-रोटी की असीमित संभावनाएं हैं। परियोजना को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय पहचान प्राप्त हुई है। वर्ष 2024 में पूरा महादेव जनपद बागपत को पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बेस्ट टूरिज्म विलेज तथा वर्ष 2025 में जनपद बहराइच के कारीकोट गांव को इण्डियन सबकान्टिनेन्ट रिस्पांस्बुल टूरिज्म एवार्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर भवन्त (मैनपुरी), औरंगाबाद (गोखपुर) एवं जनपद प्रयागराज के सिंगरौर को बेस्ट टूरिज्म, आनन्द भवन पैलेस को भी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
जयवीर सिंह ने बताया कि इसी प्रकार राधा माधव होम-स्टे जनपद प्रतापगढ़ एवं सप्त सरोवर पीलीभीत को बेस्ट होम-स्टे तथा रुबन रिजॉर्ट जनपद गाजियाबाद, लिविंग ग्रीन फार्म्स प्रयागराज एवं मड हाउस फार्म स्टे आगरा को बेस्ट फार्म स्टे के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। साथ ही बेस्ट सक्सेज स्टोरी श्रेणी में स्थानीय ग्रामीण उद्यमियों कठवारा लखनऊ के श्री ललित निषाद, सेहला जनपद पीलीभीत की अनीता पाण्डेय एवं बरारा जनपद आगरा की श्रीमती रीना को बेस्ट सक्सेज स्टोरी श्रेणी में सम्मानित किया गया। इस प्रकार उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन की निरन्तर प्रगति एवं सफलता प्राप्त हो रही है। पर्यटन विभाग पर्यटन दृष्टि से अनेक संभावनाओं पर कार्य कर रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों को जोड़कर आगे बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के साथ आजीविका के साधन सृजित हो रहे हैं।
पर्यटन से बढ़ रहा रोजगार और विकास
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के सामर्थ्य एवं संसाधन दोनों मौजूद हैं। अच्छी कानून व्यवस्था एवं आवागमन के बेहतर साधन होने के कारण अब देशी-विदेशी पर्यटक कई पर्यटक स्थलों का भ्रमण कर पा रहे हैं। इसके साथ ही पर्यटकों का ठहराव के साथ-साथ पर्याप्त कमरे की भी व्यवस्था है। यह सारे कारक मिलकार उत्तर प्रदेश को पर्यटन की दृष्टिकोण से उचाइयों पर ले जा रहे हैं। वर्ष 2025 में 01 अरब 58 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि 01 पर्यटक 06 लोगों को रोजगार मुहैया कराता है, इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।
