‘स्वर धारा 2026’ में गूंजा भारतीय शास्त्रीय संगीत
विवेक कुमार गुप्ता।
लखनऊ। भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने और युवा कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से लिरिक्स अकैडमी ऑफ म्यूजिक, जानकीपुरम द्वारा ‘स्वर धारा 2026’ का भव्य संगीत का आयोजन किया गया।
यह संगीत समारोह बौद्ध शोध संस्थान प्रेक्षाग्रह,विपिन खंड, गोमतीनगर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरागत गायन-वादन से हुई। इस अवसर पर हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के ख्याति प्राप्त कलाकार पंडित पार्थप्रतिम दास ने अपने शास्त्रीय गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

स्वर धारा 2026 में शास्त्रीय संगीत की सुरमयी शाम
उनके साथ हारमोनियम पर संगत पंडित धर्मनाथ मिश्र और तबले पर संगत डॉ. मनोज मिश्रा ने की। गायन, वादन एवं संगत के अनुपम संगम ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुरमई संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के आयोजक एवं लिरिक्स अकैडमी ऑफ म्यूजिक, जानकीपुरम के निर्देशक विपिन गुप्ता ने बताया कि ‘स्वर धारा 2026’ का मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। साथ ही संगीत प्रेमियों को देश के प्रतिष्ठित कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां सुनने का अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी, छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
