भारत टैक्सी से युवाओं को मिलेगा रोजगार, सहकारिता आधारित मॉडल की शुरुआत
लखनऊ। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर में राज्य स्तरीय सहकारी सप्ताह का शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता हमारी सृष्टि के साथ जुड़ा है। समूह में कार्य करने पर व्यक्ति तरक्की करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व केन्द्रीय सहकारिता व गृहमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता विभाग तेजी से प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। भारत टैक्सी की शुरूआत करके युवाओं को रोजगार प्रदान करके उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। सहकारिता के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें नम्बर पर थी परन्तु आज देश आर्थिक प्रगति करके चौथे नम्बर की अर्थव्यवस्था बन गयी है।
उ0प्र0 का बजट तीन गुना बढ़ा है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। 75 जिलों में सड़कों का विस्तार हुआ है। कानून व्यवस्था, विद्युत, पानी, स्कूली शिक्षा आदि क्षेत्रों में काफी सुधार हुआ है। ओडीओपी के माध्यम से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। बनारस की साड़ी को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान मिली। पटरी दुकानदारों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उ0प्र0 को बीमारू राज्य से सरप्लस राजस्व स्टेट बन गया है। सहकारिता के माध्यम से उ0प्र0 को देश में नम्बर एक बनाना है।
यूपी सहकारिता क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 16 बैंक पुनर्जीवित
अपने अध्यक्षीय संबोधन में जे.पी.एस. राठौर ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से जूझ रही थी। अनेक जिला सहकारी बैंक बंद हो चुके थे और अधिकांश पैक्स समितियाँ निष्क्रिय थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सहकारिता क्षेत्र में व्यापक सुधार करते हुए बंद पड़े 16 जिला सहकारी बैंकों को पुनर्जीवित कर लाभ की स्थिति में पहुँचाया है। आज प्रदेश के 50 में से 46 जिला सहकारी बैंक लाभ अर्जित कर रहे हैं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन बैंकों ने ₹152.78 करोड़ का लाभ कमाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 6,840 एम-पैक्स समितियों को उर्वरक व्यवसाय के लिए ₹10 लाख तक की ब्याजमुक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसे अब ₹15 लाख तक बढ़ाने की तैयारी है। इन समितियों ने लगभग ₹7,000 करोड़ का कारोबार कर करीब ₹200 करोड़ की आय अर्जित की है। वर्तमान में प्रदेश में 5,686 पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण, 1,479 समितियों में सोलर रूफटॉप, 1,315 गोदामों का सुदृढ़ीकरण तथा 161 जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली से अब तक ₹18 करोड़ से अधिक के डिजिटल लेन-देन किए जा चुके हैं।
जे.पी.एस. राठौर ने बताया कि सदस्यता महाअभियान के माध्यम से वर्ष 2023 एवं 2025 में 54 लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े, जिससे ₹113 करोड़ का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ। वहीं जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए तथा लगभग ₹550 करोड़ की नई जमा राशि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए आधुनिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है।
सहकारिता उपलब्धियों पर विशेष वीडियो फिल्म का प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की सहकारिता संबंधी उपलब्धियों पर आधारित विशेष वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें सहकारिता क्षेत्र में डिजिटलीकरण, आधुनिकीकरण और किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया गया। भारत टैक्सी पहल पर प्रस्तुतीकरण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भारत टैक्सी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सी.ओ.ओ.) विवेक पाण्डेय ने सहकारिता आधारित इस अभिनव मॉडल का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि यह पहल युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, ड्राइवरों एवं वाहन स्वामियों को संगठित मंच उपलब्ध कराने तथा सहकारी व्यवस्था के माध्यम से सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर जे.पी.एस. राठौर ने कहा कि भारत टैक्सी केवल परिवहन सेवा नहीं, बल्कि सहकारिता के माध्यम से रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण का नया मॉडल है। प्रदेश सरकार इस पहल को संस्थागत सहयोग और सुलभ वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सहकारी बैंकों के माध्यम से इस पहल से जुड़े लोगों को रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराने की मंशा भी व्यक्त की।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एस.के. तोमर ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती में सहकारिता की भूमिका पर व्याख्यान देते हुए किसानों को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से प्राकृतिक खेती अपनाने के लाभ बताए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की शाखाओं में आधार सेवा का शुभारंभ किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएँ अधिक सरल, सुलभ एवं डिजिटल होंगी। बृजेश पाठक द्वारा सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स समितियों एवं जिला सहकारी बैंकों के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। साथ ही साथ प्रदेश में सर्वाधिक के.सी.सी. ऋण वितरण करने वाली थी-पैक्स गोहरा आलमगीरपुर (जनपद हापुड़) के अध्यक्ष किरन पाल सिंह एवं सचिव जय निवास शर्मा, सर्वाधिक क्यू आर कोड आधारित डिजिटल लेन-देन करने वाली बी-पैक्स सिकन्दरपुर (जनपद सहारनपुर) की अध्यक्ष ओमवती एवं सचिव अर्जुन चौधरी तथा सदस्यता महाअभियान में सर्वाधिक ऑनलाइन सदस्य बनाने वाली बी-पैक्स गैसड़ी (जनपद बलरामपुर) के अध्यक्ष रामदीन वर्मा एवं सचिव धीरेन्द्र प्रताप सिंह को सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट वित्तीय प्रदर्शन करने वाले जिला सहकारी बैंकों में जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मुजफ्फरनगर को प्रथम, स्थान प्राप्त करने के लिए बैंक के अध्यक्ष राम नाथ सिंह एवं सचिव राजेश कुमार, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मेरठ को द्वितीय, स्थान प्राप्त करने के लिए बैंक के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा एवं सचिव विनय सिंह, तथा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, बिजनौर को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर बैंक के अध्यक्ष दिनेश कुमार, एवं सचिव, संजय कुमार, को सम्मानित किया गया।
आजमगढ़ जिला सहकारी बैंक को मिला प्रथम स्थान
वर्ष 2017 के बाद लाइसेंस प्राप्त 16 नवीन जिला सहकारी बैंकों में उत्कृष्ट वित्तीय प्रदर्शन के लिए जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, आजमगढ़ को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उसके अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद मौर्य एवं सचिव/सी.ई.ओ. मो. नसीरुद्दीन को सम्मानित किया गया। वहीं नवाचार के अंतर्गत रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की सहकारी समिति गठित कर बैंक वित्तपोषण के माध्यम से उनके सशक्तीकरण की अभिनव पहल के लिए बैंक के अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह एवं सचिव/सी.ई.ओ. बृजेश विश्वकर्मा को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, लखनऊ द्वारा ई-केसीसी योजना के अंतर्गत लाभान्वित किसानों राम सरन, बी-पैक्स चन्दाकोडर, शाखा बी. के.टी., अवध किशोर, बी-पैक्स, नगराम शाखा, श्रीमती विद्यावती, बी-पैक्स, रहीमाबाद, शाखा मलिहाबाद, हेमराज बी-पैक्स, कसमण्डी कलां, शाखा मलिहाबाद, एवं नरेन्द्र, बी-पैक्स, कसमण्डी कलां, शाखा मलिहाबाद, को प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर किसानों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं एवं डिजिटल वित्तीय सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह विधायकगण, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय शुक्ला, सहकारिता आयुक्त एवं निबंधक योगेश कुमार, पीसीएफ के प्रबंध निदेशक चंद्रभूषण सिंह, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार, यूआईडीएआई के उपमहानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह, विभिन्न जिला सहकारी बैंकों एवं सहकारी संस्थाओं के अध्यक्षगण, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, किसान तथा बड़ी संख्या में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
