सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष से जुड़े मामले में जांच के आदेश
लखनऊ। राजकुमार सिंह के ऑपरेशन से जुड़े प्रकरण को लेकर डॉ. अभिजीत चंद्रा, विभागाध्यक्ष, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के विरुद्ध प्राप्त शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। मामले की जांच के लिए लखनऊ मंडलायुक्त को निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह मामला वर्तमान में केवल जांच के चरण में है। शिकायत के आधार पर ही जांच प्रक्रिया प्रारंभ की गई है और अभी तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही किसी भी स्तर पर किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष निर्धारित किया गया है।
इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस प्रकरण को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया है, उससे यह धारणा बन रही है मानो संबंधित चिकित्सक को पहले ही दोषी मान लिया गया हो। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है और इससे संबंधित व्यक्ति तथा संस्थान की छवि प्रभावित हो सकती है।
इसी को देखते हुए संबंधित पक्षों ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि जब तक मंडलायुक्त की जांच पूरी होकर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक इस विषय पर संयम और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग की जाए।
यह भी कहा गया है कि मीडिया ट्रायल से न केवल डॉ. अभिजीत चंद्रा की व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है, बल्कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की साख पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए सभी से निष्पक्ष जांच प्रक्रिया का सम्मान करने और अंतिम निष्कर्ष का इंतजार करने की अपील की गई है।
