स्वतंत्रता सेनानियों की यादों को मिलेगा नया आयाम
लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्रता संग्राम सर्किट को लेकर पर्यटन विभाग तेज गति से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में वाराणसी के पिंडरा विकासखंड स्थित करखियांव गांव को विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पर्यटन विभाग ने 18.26 करोड़ रुपये की प्रस्तावित धनराशि से पहली किस्त के रूप में 08 करोड़ रुपए की धनराशि जारी कर दी है।
स्मृति परिसर, संग्रहालय और आधुनिक सुविधाओं से संवरेंगे करखियांव
इस पर जानकारी देते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, करीब 18 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस स्मृति एवं पर्यटन परिसर में स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथा को संरक्षित किया जाएगा तथा आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। गांव में शहीद हुए 26 लोगों की स्मृति में यहां एक म्यूरल पार्क बनाया जा रहा है, जिसमें उनकी वीरगाथाओं को म्यूरल के माध्यम से उकेरा जाएगा।
इसके साथ ही 26 स्तंभ भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक स्तंभ एक-एक शहीद का प्रतिनिधित्व करेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस स्मारक परिसर में झील का इको पर्यटन विकास भी किया जा जाएगा। बाबतपुर एयरपोर्ट इसके बहुत पास में है, ऐसे में यह स्थान आने वाले समय में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर कर सामने आएगा।
जहां शहीदों की यादें आज भी जीवंत हैं
करखियांव गांव का स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान रहा है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की आजादी तक यहां के लोगों ने हर आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्थानीय इतिहास के मुताबिक जिले में सबसे ज्यादा स्वतंत्रता सेनानी इसी गांव से थे। इसी गौरवशाली विरासत को सहेजने के लिए स्मृति परिसर बनाया जा रहा है। यह गांव 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना का भी गवाह रहा है। अब इस पर्यटन परियोजना के जरिए इन वीरों के बलिदान और आजादी की लड़ाई के इतिहास को देश-दुनिया के लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आगे बताया कि, “उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है। इसी सोच के तहत स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के अंतर्गत वाराणसी के करखियांव गांव को विकसित किया जा रहा है। स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस गांव में शहीदों और सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित किया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी तथा यह स्थल पर्यटन के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।”
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने इससे संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि, “स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के अंतर्गत करखियांव को नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। यहां आधुनिक पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इतिहास को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। यह परियोजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करेगी।”
