बाढ़ आपदा तैयारी का बड़ा अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित
लखनऊ। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से आज 11 जून, 2026 को प्रदेश के 44 बाढ़ संभावित जनपदों की 118 तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ की आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था, राहत एवं बचाव कार्यों तथा ग्राम से राज्य स्तर तक की प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण करना था।
मॉक अभ्यास का शुभारम्भ योजना भवन, लखनऊ से किया गया। सभी जनपदों एवं तहसीलों को बाढ़ संबंधी चेतावनी एवं परिदृश्यों की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिसके उपरांत जिला प्रशासन द्वारा इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप कार्यवाही प्रारम्भ की गई। अभ्यास के दौरान जनपदों द्वारा बाढ़ के कारण गांवों के जलमग्न होने, लोगों के पेड़ों एवं छतों पर फंसने, नाव दुर्घटना, सड़क एवं पुल क्षतिग्रस्त होने, संचार बाधित होने तथा अफवाह एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार जैसे विभिन्न परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त राहत शिविरों, बाढ़ चौकियों, कमांड पोस्ट, फील्ड हॉस्पिटल तथा चिकित्सा सहायता केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन का भी अभ्यास किया गया।
योजना भवन, लखनऊ से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर रविंद्र गुरुंग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त जनपदों एवं तहसीलों की गतिविधियों का संचालन एवं पर्यवेक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान जिलाधिकारियों, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) ने जनपद लखनऊ की तहसील बी0के0टी0 में आयोजित विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्यों, कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के समन्वय का अवलोकन किया। मौके पर भारतीय सेना द्वारा फील्ड हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु सभी तैयारियों को अद्यतन एवं सुदृढ़ रखा जाए।
अभ्यास के समापन सत्र में उपाध्यक्ष ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की कार्यवाहियों की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न जनपदों द्वारा प्राप्त अनुभवों, सामने आई चुनौतियों, कमियों एवं सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा भविष्य में बाढ़ आपदा के प्रति और अधिक प्रभावी तैयारी हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए। इंटल स्टेट रिसोर्स मोबिलाईजेशन पहल के अंतर्गत उत्तराखण्ड, राजस्थान, बिहार एवं मध्य प्रदेश राज्यों की एसडीआरएफ टीमें क्रमशः बरेली, मथुरा, गोरखपुर एवं प्रयागराज में आयोजित मॉक एक्सरसाइज में प्रतिभाग किया तथा असम, हरियाणा एवं पंजाब राज्यों के प्रतिनिधियों ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की मॉक एक्सरसाइज गतिविधियों में प्रतिभागित किया।
यह राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास प्रदेश की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को न्यूनतम करने तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
