लखनऊ में लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए MoU
लखनऊ। शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उत्थान तथा युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए आज प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह एवं प्रबंध निदेशक उ0प्र0 पर्यटन विकास निगम के निदेशक आशीष कुमार की उपस्थिति में उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी और स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ के मध्य एक आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। दोनों संस्थाएं आपसी समन्वय कर प्रदेश की लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। इसके साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को अक्षुण्ण बनाए रखने का प्रयास करेगीं।
पर्यटन के सभागार में संपन्न समझौता ज्ञापन पर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किया और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने जयवीर सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ के साथ पूर्व में 04 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जा चुके है। उन्होंने कहा कि संस्कृति नाटक अकादमी तथा स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय मिलकर प्रदेश की कला, संस्कृति और शैक्षणिक अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएगे। उन्होंने यह भी कहा कि विलुप्त होती जा रही लोककलाओं को भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना है, ताकि वे अपने विरासत पर गर्व कर सकें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा सहित फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स के डीन प्रो. पिन्टू मिश्रा और परफॉर्मिंग आर्ट्स की एचओडी प्रो. भावना ग्रोवर सहित उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के माननीय अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह एवं निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर एवं पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित अकादमी के कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, अपने विभिन्न संस्थानों के प्रयासों और सहयोग से, राज्य की कला और संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रख्यात कलाकारों और उभरती प्रतिभाओं के विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती है। संस्कृति विभाग का मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय, लोक संगीत, नृत्य और नाट्य परंपराओं को बढ़ावा देना है।
दूसरी ओर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश भी इसी दृष्टिकोण को साझा करता है और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों तथा समाज के बीच इन कला रूपों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में इस एमओयू के माध्यम से अब दोनों पक्ष विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों और पूरे समाज के बीच इन कलाओं का प्रसार करने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करेंगे। शिक्षा, संस्कृति और अनुसंधान के क्षेत्र में अकादमिक सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही अनुसंधान, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक विकास के आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रयासों को समृद्ध करने के लिए एक संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा।
