प्रॉपर्टी एजेंटों को मिलेगा कानूनी और प्रोफेशनल प्रशिक्षण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने के निरंतर प्रयासों के तहत उत्तर प्रदेश भू सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में 40वाँ रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण सत्र इंडियन लिटरेसी बोर्ड (आईएलबी), कानपुर रोड, लखनऊ में प्रारंभ किया गया।
चार दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एजेंटों को व्यापक विधिक जागरूकता, पेशेवर दक्षता तथा सुदृढ़ नैतिक आधार प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इस सत्र में कुल 49 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जो प्रमाणित एवं पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट बनने की दिशा में तैयारी कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी द्वारा किया गया। इस अवसर पर इंडियन लिटरेसी बोर्ड की निदेशिका श्रीमती संध्या तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध होगा। यूपी-रेरा सचिव श्री महेंद्र वर्मा ने चार दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों से प्रत्येक सत्र में पूर्ण समर्पण एवं गंभीरता के साथ भाग लेने का आह्वान किया।
अपने मुख्य संबोधन में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र की विश्वसनीयता तीन प्रमुख स्तंभों—प्रमोटर (डेवलपर), रियल एस्टेट एजेंट तथा रेरा—पर आधारित है। इन तीनों हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा क्षेत्र की सकारात्मक छवि सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को प्रश्नोत्तर के माध्यम से संवादात्मक मंच प्रदान करता है तथा रेरा अधिनियम, अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम एवं संपत्ति अंतरण अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विधानों का गहन ज्ञान उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य एजेंटों की विधिक समझ और पेशेवर क्षमता को सुदृढ़ करना है, ताकि प्रमोटर उनकी जानकारी की कमी का लाभ न उठा सकें।
अध्यक्ष ने विशेष रूप से कंस्ट्रक्शन लिंक्ड पेमेंट प्लान पर ध्यान आकर्षित करते हुए स्पष्ट किया कि प्रमोटर को भुगतान केवल निर्माण की वास्तविक प्रगति के अनुपात में ही प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुपालन की निगरानी में एजेंटों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जिम्मेदार एवं सजग एजेंट उपभोक्ताओं के शोषण की संभावना को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एजेंटों को बदलते नियमों से अद्यतन रखने के लिए समय-समय पर पुनश्चर्या पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। “हमारा उद्देश्य केवल अनुपालन सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक विश्वसनीय, जवाबदेह और पारदर्शी रियल एस्टेट प्रणाली का निर्माण करना है,” अध्यक्ष ने कहा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि रेरा द्वारा प्रारंभ की गई विशेष ‘एजेंट क्वेरी’ ईमेल सुविधा के माध्यम से प्रशिक्षित एजेंट भविष्य में अपनी शंकाओं एवं समस्याओं के संबंध में सीधे प्राधिकरण से संपर्क कर सकेंगे।
प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय
- प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रमुख सलाहकार अबरार अहमद ने रेरा अधिनियम एवं यूपी रेरा नियमावली एवं विनियमों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
- न्याय निर्धारण अधिकारी हरीश त्रिपाठी ने अनुबंध अधिनियम एवं संपत्ति अंतरण अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
परीक्षा में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित
चार दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने हेतु परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच एवं लैपटॉप सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा में सफल होने तथा निर्धारित पंजीकरण शुल्क जमा करने के उपरांत अभ्यर्थियों को आधिकारिक पंजीकरण प्रदान किया जाएगा।
अब तक 1,000 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण
अब तक लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा में कुल 40 प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 2,700 से अधिक अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण हेतु एनरोलमेंट किया गया है। 36वें सत्र तक के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, जिनमें 1,763 प्रतिभागियों ने परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।
एजेंट पंजीकरण से पूर्व प्रशिक्षण एवं प्रमाणन को अनिवार्य बनाना राज्य में व्यावसायिक मानकों को ऊंचा उठाने तथा गृह खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल है। उद्घाटन सत्र में वित्त परामर्शदाता सुधांशु त्रिपाठी, संयुक्त सचिव केके सिंह, मीडिया सलाहकार प्रांजल दीक्षित, आर.सी. यादव उपस्थित रहे।
