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Amit Shah ने गाजियाबाद में NDRF को सौंपा ‘President’s Colour’, आपदा वीरों का बढ़ाया सम्मान

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डेस्क। अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक और NDRF के महानिदेशक सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित थे।
समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि NDRF को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किया जाना सिर्फ NDRF की सराहनीय सेवाओं को स्वीकार किया जाना ही नहीं, बल्कि यह SDRF, पंचायत से लेकर राज्य तक पूरी मशीनरी, NCC, NSS और हजारों की संख्या में सेवा में लगे आपदा मित्रों की सेवाओं का राष्ट्रपति महोदया द्वारा अनुमोदन किया जाना है। उन्होंने कहा कि NDRF के जवान देश में कहीं भी ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के घोष के साथ जाते हैं। NDRF के जवान देश-दुनिया में जहाँ कहीं भी गए, वहाँ प्यार और भरोसा अर्जित किया है। देश में कहीं भी आपदा आई हो या आने वाली हो, जब NDRF के जवान वहाँ पहुँचते हैं, तो जनता राहत की साँस लेती है कि अब उनका बचाव हो जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि NDRF ने अपनी स्थापना के 20 साल में देश में कहीं भी बाढ़, भूकंप, चक्रवात या किसी अन्य प्रकार की आपदा आई हो, अपने सफल कार्यों के आधार पर पूरे देश की 140 करोड़ जनता का विश्वास अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा हो या कोई भीषण हादसा, NDRF की एक झलक ही देशवासियों के मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव भर देती है। इस बल ने अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

Amit Shah बोले- NDRF का ‘President’s Colour’ सम्मान सेवा और शौर्य की पहचान

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NDRF को प्रेसिडेंट्स कलर मिलना, NDRF के समस्त बल के सेवा, साहस, शौर्य और समर्पण के संचित गुणों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और NDRF ने अपने कार्यकाल में आपदा बचाव के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने का काम किया है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है, लेकिन देश के गृह मंत्री के नाते मेरे लिए यह विशेष गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि आज 116 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाली छह परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से NDRF देश की जनता को किसी भी प्रकार की आपदा से सुरक्षित रखने के लिए और भी मजबूती से काम कर पाएगी। गृह मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से अब तक हमने न केवल आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए काम किया है, बल्कि अब हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं कि अब हम जीरो कैजुअल्टी की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। जिस आपदा का पूर्वानुमान और मौसम विज्ञान विभाग से पूर्व जानकारी मिल जाती है, वहाँ जन, धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि NDMA ने आपदा प्रबंधन से जुड़े नीति विषयक मामलों में ढेर सारे निर्णय लिए, बहुत सारे दिशानिर्देश जारी किए, और जन जागरूकता पैदा करने की दिशा में सफल प्रयास किए, जिसकी वजह से धीरे-धीरे आपदा बचाव देश का संस्कार बनता जा रहा है।
अमित शाह ने कहा कि NDRF ने न केवल नागरिकों, बल्कि उनके साथ रहने वाले मूक पशुओं को भी बचाकर उत्कृष्ट सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आपदा में जनहानि शून्य हो और संपत्तियों का नुकसान न्यूनतम हो। भारत सरकार का गृह मंत्रालय हीट वेव जैसी गंभीर चुनौतियों का भी बहुत ही प्रभावी तरीके से सामना करने की तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार हीट वेव से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने की दिशा में कार्य कर रही है।
अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय और NDRF ने क्षमता निर्माण और सामुदायिक भागीदारी पर बहुत बल दिया है। NDRF ने अपने 8,500 से अधिक जवानों, 10,000 से ज्यादा सिविल डिफेंस कर्मियों और 2 लाख 20 हजार से अधिक वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का भागीरथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में 10,500 से अधिक नाविकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।

Amit Shah बोले- आपदा प्रबंधन में भारत बना ग्लोबल लीडर, NDRF ने बढ़ाया देश का भरोसा

गृह मंत्री ने कहा कि कम्युनिटी बेस्ड आपदा रिस्पॉन्स को मजबूत करने के लिए आपदा मित्रों की टोली हर खतरे का मुकाबला करने में उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि पहले आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रिया राहत-आधारित थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे सिर्फ रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव बनाया है। आपदा के कहर से जानमाल का नुकसान न्यूनतम करने के विषय को प्रधानमंत्री ने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक थ्योरी के रूप में स्थापित किया है। बीते 12 साल में आपदा से बचाव सिर्फ एक सिस्टम नहीं बल्कि इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर भारत सरकार तक, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक से लेकर आम नागरिक तक हर जगह एक साथ एक उद्देश्य के लिए काम करने का एक नया तरीका भारत सरकार ने अपनाया है।
अमित शाह ने कहा कि भारत में कई भीषण प्राकृतिक आपदाएं आई। ओडिशा के सुपर साइक्लोन, गुजरात के भूकंप और हिंद महासागर की सुनामी ने देश के जनजीवन को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं के कारण देश में एक मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता को महसूस किया गया। आपदा प्रबंधन अधिनियम भी आया। NDMA और NDRF का भी गठन हुआ। उन्होंने कहा कि अब 16 बटालियनों के साथ NDRF एक सशक्त बल बन चुका है। NDRF ने अपनी कार्यपद्धति से SDRF की ट्रेनिंग और SDRF के साथ साझा अभियानों से अपनी शक्ति बढ़ाया है। प्रोएक्टिव डिप्लॉयमेंट और प्रीपोजिशनिंग जैसे उपाय हमें नुकसान से बचाने में कारगर साबित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2008 में बिहार में कोसी नदी में आई बाढ़ NDRF के लिए बहुत बड़ी परीक्षा थी। बाद में ऐसी कई आपदाएं आई, जैसे – धराली में फ्लैश फ्लड, चासोटी में क्लाउडबर्स्ट, जम्मू, पंजाब और दिल्ली के फ्लड्स, साइक्लोन मोंथा और साइक्लोन दितवाह। वहीं, अमरनाथ यात्रा, महाकुंभ, चारधाम यात्रा, मणि महेश, सबरीमाला यात्रा, भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे कई महत्वपूर्ण आयोजनों में NDRF ने बहुत अच्छे तरीके से समाज के साथ मिलकर काम किया। गृह मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री के 10-सूत्रीय एजेंडा और 360-डिग्री अप्रोच ने डिज़ास्टर रिस्क मैनेजमेंट को नई दिशा दी है। इसके माध्यम से रिस्क मैपिंग, अर्ली वार्निंग, कम्युनिटी पार्टिसिपेशन, और गाइडलाइंस के निर्माण जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिली है। श्री शाह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत आज निर्विवाद रूप से एक ग्लोबल लीडर और फर्स्ट रिस्पॉंडर के रूप में उभरा है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को व्यवहार में उतारते हुए इसे धरातल पर लागू किया गया है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से ‘डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है। CDRI के आज 48 देश सदस्य बन चुके हैं और भारत के साथ मिलकर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। अमित शाह ने देशभर के सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) के जवानों को बधाई देते हुए कहा कि 2021 से अब तक CAPFs के सभी जवानों ने देशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह समस्त CAPFs के मानवीय दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है।

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