लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग की यकृत एवं पित्त रोग इकाई में कार्यरत एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सुधीर वर्मा ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एशिया-प्रशांत यकृत अध्ययन संघ (APASL) 2026, जो इस्तांबुल, तुर्किये में आयोजित हुआ, में मौखिक शोध प्रस्तुति प्रस्तुत कर संस्थान को गौरवान्वित किया है।
डॉ. वर्मा द्वारा प्रस्तुत शोध का विषय “एक्यूट-ऑन-क्रॉनिक लिवर फेल्योर (ACLF) में 90-दिवसीय मृत्यु-दर के पूर्वानुमान में यकृत कठोरता में तीव्र परिवर्तन का पूर्वानुमानात्मक महत्व” था। इस शोध में गंभीर यकृत रोगियों में रोग-पूर्वानुमान के आकलन हेतु महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए, जो चिकित्सकीय प्रबंधन में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
एशिया-प्रशांत यकृत अध्ययन संघ (APASL) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौखिक शोध प्रस्तुति देना एक उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि मानी जाती है तथा यह किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग की यकृत एवं पित्त रोग इकाई के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद तथा मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रो. वीरेन्द्र आतम ने एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सुधीर वर्मा को इस उत्कृष्ट उपलब्धि हेतु हार्दिक बधाई दी तथा उनके इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के योगदान की सराहना की। यह उपलब्धि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की उन्नत शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं यकृत-विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिष्ठा को प्रतिबिंबित करती है।
