- स्मार्ट और अनुभव आधारित बनेगा यूपी पर्यटन, ‘न्यू टूरिज्म स्टार्टअप यूनिट्स’ से खुलेंगे निवेश-नवाचार के मार्ग
- उ०प्र० पर्यटन नीति के तहत निवेशकों को मिलेगी सब्सिडी, महिला उद्यमियों को विशेष छूट
- ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य में होगा सहायक, ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ पर सरकार की नजर
- नवाचार और तकनीक से बदल रहा उत्तर प्रदेश का पर्यटन परिदृश्य, निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर- जयवीर सिंह
- ‘स्मार्ट’ पर्यटन की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, स्टार्टअप पहल से युवाओं को बड़ा अवसर- जयवीर सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन अब सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहा। यह युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप के नए मौके लेकर सामने आया है। राज्य सरकार की ‘न्यू टूरिज्म स्टार्टअप यूनिट्स’ पहल के जरिए युवा अपने आइडिया को कारोबार में बदल सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। ऐसे में यह प्रयास पर्यटन सेक्टर को ‘स्मार्ट’ और ‘अनुभव-आधारित’ विशिष्ट पहचान देगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘नई पर्यटन स्टार्टअप इकाइयों’ की श्रेणी के तहत ऐसे प्रोजेक्ट्स और सेवाओं को शामिल किया गया है, जो नवीन तकनीकों का उपयोग करते हों, सतत विकास को प्रोत्साहित करते हों तथा स्थानीय समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हों। इन परियोजनाओं को राज्य स्तरीय विशेष पर्यटन समिति (SLSTC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां प्रोत्साहन एवं रियायतों का निर्धारण समिति के विवेकाधिकार पर आधारित होगा।’
हॉबिट हाउस, कैरावान यूनिट्स से पर्यटन होगा रोमांचक
उत्तर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नवाचार, आधुनिक तकनीक और सतत विकास के साथ नई दिशा देने की पहल तेज हो गई है। इसी क्रम में कई अभिनव पर्यटन इकाइयों के मॉडल सामने लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘हॉबिट हाउस’ जैसे थीम आधारित आवास, जापानी शैली के पॉड्स/कैप्सूल स्टे, पर्यावरण संरक्षण पर आधारित रीजेनरेटिव टूरिज्म यूनिट्स, अत्याधुनिक तकनीक से लैस कैरावान यूनिट्स तथा ओपन-एयर ‘स्टार बेड’ विकसित करने का विचार है। इस तरह के प्रयास राज्य में आने वाले पर्यटकों को यादगार अनुभव प्रदान करेंगे। इसी उद्देश्य से निवेशकों से निवेश प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से मिलेंगी छूट
उ0प्र0 पर्यटन नीति के तहत निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन दिए जाएंगे। नीति के अनुसार, 10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 25 प्रतिशत की सब्सिडी (अधिकतम 02 करोड़ रुपए), 50 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 20 फीसदी (अधिकतम 7.5 करोड़ रुपए), 200 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़ रुपए), 500 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 10 फीसद (अधिकतम 25 करोड़ रुपए) और 500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर भी 10 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 40 करोड़ रुपए) दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट और सभी पर्यटन इकाइयों के लिए भूमि परिवर्तन एवं विकास शुल्क में पूर्ण छूट का भी प्रावधान है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ पर नजर- मंत्री
प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यटन क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। प्रदेश का पर्यटन धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विविधताओं से समृद्ध है, जिसे आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और नवाचार के माध्यम से और सशक्त किया जा रहा है।’
पर्यटन में रोजगार सृजन हमारी प्राथमिकता- अपर मुख्य सचिव
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘विकसित यूपी, विकसित भारत 2047′ के लक्ष्य के तहत राज्य सरकार पर्यटन को जॉब क्रिएशन का मजबूत माध्यम बनाने में जुटी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल रोजगार में पर्यटन क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 1.4 प्रतिशत है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 2047 तक 5 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सरकार नीतिगत सुधार, निवेश प्रोत्साहन और नई पहलों के जरिए युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर अवसर तैयार कर रही है।’
