/ Oct 18, 2026

TN

TotaRam News

What's Hot

वैशाख अमावस्या 2026: दान, तर्पण और आत्मशुद्धि का पावन अवसर

Table of Content

पंडित सुनील पांडेय।

लखनऊ। आज वैशाख मास की अमावस्या तिथि पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है, जिसे सतुवाई अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व होता है, लेकिन वैशाख अमावस्या को आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और पितृ तर्पण का विशेष महत्व बताया गया है।

तिथि और मुहूर्त
पंचांग गणना के अनुसार, वैशाख अमावस्या की तिथि 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को रात 08:11 बजे प्रारंभ हो चुकी है और 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को शाम 05:21 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, अमावस्या का मुख्य पर्व 17 अप्रैल को ही मनाया जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात जितनी प्रभावशाली होती है, उतनी ही संवेदनशील भी मानी जाती है। इसलिए इस दिन विशेष सावधानी और सात्विकता का पालन करना आवश्यक होता है। श्रद्धालु प्रातःकाल पवित्र नदियों में स्नान कर अपने दिन की शुरुआत करते हैं और इसके बाद पितरों का तर्पण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। वैशाख अमावस्या पर दान का भी विशेष महत्व है। सनातन परंपरा में दान को सर्वोच्च पुण्य कर्मों में स्थान दिया गया है। इस दिन अन्न दान और जल दान करने से तीर्थ यात्रा के समान फल प्राप्त होता है। राहगीरों के लिए प्याऊ की व्यवस्था करना, जरूरतमंदों को भोजन कराना और गरीबों की सहायता करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। मनुस्मृति में दान का उल्लेख करते हुए कहा गया है।

तपः परं कृतयुगे त्रेतायां ज्ञानमुच्यते।
द्वापरे यज्ञमेवाहुर्दानमेकं कलौ युगे॥

अर्थात् सतयुग में तप, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में यज्ञ और कलियुग में दान ही मनुष्य के कल्याण का सबसे बड़ा साधन है।

विशेष रूप से चावल, चीनी, दूध, दही और शीतल खाद्य पदार्थों का दान करना शुभ माना गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इन वस्तुओं के दान से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि और संतुलन बना रहता है।

धर्मग्रंथों में भी दान के महत्व का उल्लेख मिलता है। मनुस्मृति के अनुसार, सतयुग में तप, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में यज्ञ और कलियुग में दान को ही मनुष्य के कल्याण का सर्वोत्तम साधन बताया गया है। यही कारण है कि आज के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व और बढ़ जाता है। इस प्रकार, वैशाख अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे श्रद्धा और नियमों के साथ मनाना ही इसका सच्चा फल प्रदान करता है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

लोकायन 2026 – भारतीय नौसेना का जहाज सुदर्शिनी ओमान के सलालाह से रवाना हुआ

14 से 17 अक्टूबर तक सलालाह में रहा भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत डेस्क। भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी 14-17 अक्टूबर 2026 के दौरान ओमान के सलालाह में अपनी यात्रा पूरी करने के बाद वहाँ से रवाना हुआ। इसके साथ ही उसने अपनी ऐतिहासिक महासागरीय तैनाती, लोकायन-2026, को...

उच्च शिक्षा मंत्री ने अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय’ की स्थापना हेतु सौंपा आशय-पत्र

अलीगढ़ व आसपास के युवाओं को मिलेंगे उच्च व व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति, अलीगढ़’ के प्रतिनिधियों को निजी क्षेत्र में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय, अलीगढ़’ की स्थापना हेतु औपचारिक आशय-पत्र...

यूपी में खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों पर सख्ती, मिठाई-चटनी में रोडामाइन-बी के इस्तेमाल पर रोक

रंगों के नियम तोड़ने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत हो सकती है कार्रवाई लखनऊ। मिठाइयों, स्नैक्स, मोमोज, चटनी, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों को आकर्षक रंग देने के लिए रासायनिक रंगों के मनमाने इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश ने खाद्य कारोबारियों...

बलरामपुर, ग्वालियर और कोलकाता की दुःखद घटनाओं पर उप मुख्यमंत्री ने व्यक्त की गहरी शोक संवेदना

दिवंगतों के परिजनों के प्रति जताई संवेदना, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद बलरामपुर एवं ग्वालियर में हुए सड़क हादसों तथा कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की दुःखद घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उप...

यूपी मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना: किसानों के बच्चों को अब सालाना ₹60,000, छात्रवृत्ति सीटें दोगुनी

कृषि विश्वविद्यालय में 90 और महाविद्यालय में 30 विद्यार्थियों को सालाना ₹60 हजार की छात्रवृत्ति लखनऊ। प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए कृषि शिक्षा में छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें दोगुनी कर दी हैं। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अब प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.