डेस्क। असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार आज शाम समाप्त हो गया। अब उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम (EVM) में कैद होगा। असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर गुरुवार को एक ही चरण में मतदान होगा।
चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्र असम, केरल और पुडुचेरी में 23 मार्च तक भरे गए थे, 24 मार्च को उनकी जांच हुई थी और 26 मार्च तक नाम वापसी की प्रक्रिया संपन्न हुई थी। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार अब रैली, रोड शो और प्रदर्शन नहीं किए जा सकते। इसके अलावा दूरदर्शन, रेडियो और सिनेमा हॉल में भी राजनीतिक प्रचार पर रोक रहेगी। असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा के नेतृत्व में सत्तारूढ़ भाजपा एक और कार्यकाल के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दल उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए कुल 890 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां मुकाबला त्रिकोणीय है। राज्य में सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत आवश्यक है। कुल मतदाता संख्या 2.71 करोड़ है, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
पुडुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनमें 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है। यहां कुल मतदाता 9.44 लाख हैं, जिनमें लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
असम में भाजपा हैट्रिक लगाने के प्रयास में है, जबकि कांग्रेस मुकाबला कर रही है। केरल में पिनाराई विजयन के नेतृत्व में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) तीसरी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहा है।
