- पहले दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्य आवंटित
- मंत्री कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में ग्रेडिंग आधारित पारदर्शी व्यवस्था लागू
- मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल से तेज हुई प्रक्रिया, 90 दिन की जगह 30 दिन में तैयारी
- डिजिटल इम्पैनलमेंट और ‘स्मार्ट टॉप-अप’ से बढ़ेगी गुणवत्ता व जवाबदेही
- AI आधारित प्रशिक्षण और समावेशी प्राथमिकता से युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार अवसर
लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश में कौशल विकास को नई गति देते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन 957 ट्रेनिंग पार्टनर्स को जारी कर दिया। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में इस वर्ष पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक कर प्रशिक्षण केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। इसी आधार पर प्राइवेट, इंडस्ट्रियल और सरकारी पार्टनर्स को लक्ष्य आवंटित किए गए, जिससे जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर इस प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया गया है। प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की समय सीमा 90 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। साथ ही ‘स्मार्ट टॉप-अप’ व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थान बैच समाप्ति से पहले अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। अब इम्पैनलमेंट, लक्ष्य आवंटन और भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन होंगे। 23 फरवरी 2026 के नए नियमों के तहत संस्थाओं को उनकी ग्रेडिंग और प्रशिक्षण गुणवत्ता के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि होगी।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि AI सहित आधुनिक कौशल प्रशिक्षण, हर वर्ग को प्राथमिकता प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ‘AI for All’, सॉफ्ट स्किल्स, लाइव क्लास और इंडस्ट्रियल विजिट को अनिवार्य किया गया है। साथ ही 33% महिलाओं, 5% दिव्यांगजनों और वंचित वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता देना सुनिश्चित किया गया है, जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। मिशन अब ‘क्वांटिटी’ से ‘क्वालिटी’ की ओर बढ़ रहा है। डिजिटल पारदर्शिता और समयबद्ध रणनीति से युवाओं को विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विगत वर्ष जहाँ ट्रेनिंग पार्टनर्स को पूरे वर्ष के लिए 1.10 लाख प्रशिक्षणार्थियों का एकमुश्त लक्ष्य आवंटित किया गया था, वहीं इस वर्ष रणनीति में सुधार करते क्वार्टरली यानी कि तीन महीने में लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। प्रथम तीन माह के लिए 99,075 प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य जारी किया गया है। इसके अंतर्गत, अच्छा प्रदर्शन करने वाले ट्रेनिंग पार्टनर्स को उनकी क्षमता के अनुसार ‘टॉप-अप’ (अतिरिक्त लक्ष्य) की विशेष सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
