लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सम्पत्ति के आवंटन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़ी पहल की है। जिसके अंतर्गत अब से सभी प्रकार की सम्पत्यिों का आवंटन पत्र ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। जिसे आवंटी को प्राधिकरण की वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा। अगर आवंटी ने 03 माह में आवंटन पत्र डाउनलोड नहीं किया तो बिना किसी नोटिस के आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस सम्बंध में आदेश जारी कर दिये हैं, जोकि तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। उपाध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर लाॅटरी, ई-ऑक्शन एवं पहले आओ-पहले पाओ योजना के अंतर्गत सम्पत्तियों का आवंटन किया जाता है। पूर्व प्रचलित व्यवस्था के तहत आवंटन के पश्चात प्राधिकरण द्वारा आवंटी को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से आवंटन पत्र भेजा जाता था। कई बार आवंटियों को समय से आवंटन पत्र प्राप्त नहीं होता था और उन्हें कार्यालय के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। वहीं, कुछ ऐसे भी मामले सामने आए, जिसमें जालसाजों द्वारा लोगों को एलडीए का फर्जी आवंटन पत्र देकर धोखाधड़ी का प्रयास किया गया।
इस प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नयी डिजिटल व्यवस्था लागू की गयी है। इसके अंतर्गत सभी प्रकार की सम्पत्तियों का आवंटन पत्र प्राधिकरण की वेबसाइट पर ही अपलोड किया जाएगा। जिसकी सूचना आवंटी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से दी जाएगी। आवंटी को एलडीए की वेबसाइट से ही आवंटन पत्र डाउनलोड करना होगा। अगर आवंटी ने 03 महीने के अंदर आवंटन पत्र डाउनलोड नहीं किया तो उक्त आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए आवंटी को अलग से कोई नोटिस नहीं दी जाएगी। निरस्तीकरण के पश्चात आवंटी द्वारा जमा की गयी पंजीकरण धनराशि से नियमानुसार कटौती करते हुए शेष धनराशि वापस कर दी जाएगी।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। उन्होंने आवंटियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अंदर प्राधिकरण की वेबसाइट से अपने आवंटन पत्र डाउनलोड करके धनराशि जमा कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराएं, जिससे कि आवंटन निरस्तीकरण की कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
