डेस्क: बिहार में नई सरकार के गठन से पहले राज्यपाल पद पर नई नियुक्ति की गई है। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे आरिफ मोहम्मद खान की जगह लेंगे, जो 2 जनवरी 2025 से इस पद पर थे। सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने श्रीनगर स्थित XV Corps (चिनार कोर) के कमांडिंग इन चीफ के रूप में कार्य किया। उन्हें मिलिट्री अफेयर्स का विशेषज्ञ माना जाता है और वे सेना में मिलिट्री सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य और कई थिंक टैंकों में सक्रिय रहे हैं। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा, “बिहार के राज्यपाल के रूप में सुशोभित होने पर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपकी राष्ट्रसेवा की भावना एवं दूरदर्शी नेतृत्व से बिहार को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।”
सैयद अता हसनैन कौन हैं?
- भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक सेवा।
- XV Corps (श्रीनगर) और XXI Corps का नेतृत्व।
- जम्मू-कश्मीर में कई अहम सैन्य और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन में भूमिका।
- रिटायरमेंट के बाद NDMA सदस्य और Central University of Kashmir के चांसलर।
- राष्ट्रीय सुरक्षा, पाकिस्तान नीति और जम्मू-कश्मीर मामलों में सक्रिय विशेषज्ञ।
राजनीतिक महत्व:
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है। राज्यपाल का विधानसभा सत्र बुलाने, सरकार गठन और संवैधानिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण रोल होता है। सुरक्षा और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले व्यक्ति की नियुक्ति को केंद्र की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
