डेस्क। जनऔषधि सप्ताह 2026 एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य सस्ती एवं उच्च-गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देना है, जिसने आज अपना तीसरा दिन सफलतापूर्वक पूरा किया और 07 मार्च 2026 को 8वें जनऔषधि दिवस से पहले अपनी वृद्धि को निरंतर बनाए रखा। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत आने वाले औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) द्वारा आयोजित यह पहल 01 से 05 मार्च तक पूरे भारत में 250 से अधिक स्थानों पर आयोजित की जा रही है। “जन औषधि सस्ती भी, भरोसेमंद भी – सेहत की बात, बचत के साथ” थीम के साथ तीसरे दिन स्वास्थ्य जांच शिविरों में साइट पर निदान, मुफ्त परामर्श और जनऔषधि दवाओं का व्यापक वितरण किया गया। पूर्व निर्धारित 44 शिविरों के लक्ष्य से अधिक 47 शिविरों का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए, जिसमें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए सेवाओं पर विशेष बल दिया गया।
इन शिविरों में आस-पास के क्षेत्रों के लोग सक्रिय रूप से शामिल हुए, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच सेवाओं का लाभ उठाया और स्वास्थ्य पेशेवरों से बातचीत की। आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ, शिविरों द्वारा प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों और सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता के बारे में जागरूकता भी फैलाई गई।
तीसरे दिन शिविरों का आयोजन हुबली (कर्नाटक), मलप्पुरम (केरल), श्रीभूमि (असम), रायपुर (छत्तीसगढ़), तिरुवल्लुर (तमिलनाडु), हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), वैशाली (बिहार), बिष्णुपुर (मणिपुर) सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया गया जो पहले दिन 50 शिविरों और दूसरे दिन 60 से अधिक शिविरों में देखी गई मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। सेवाओं में सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप एवं थायरॉइड परीक्षण, बाल चिकित्सा देखभाल, मधुमेह एवं गुर्दे जैसी दीर्घकालिक बीमारियों के लिए विशेषज्ञ परामर्श, फिजियोथेरेपी, नेत्र जांच एवं बाल स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं शामिल थीं। महिलाओं के बीच सुविधा सैनिटरी पैड मुफ्त में बांटे गए, साथ ही जनऔषधि परियोजना पर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। शिविरों में आए गणमान्य लोगों ने सुलभ स्वास्थ्य सेवा पर परियोजना के परिवर्तनकारी प्रभाव की सराहना की। उन्होंने लोगों से बचत के लिए गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं को अपनाने और भरोसे के साथ उनका उपयोग करने तथा 18,000 से अधिक केंद्रों में से निकटतम केंद्रों की खोज करने के लिए ‘जन औषधि सुगम’ ऐप का लाभ उठाने का आग्रह किया। पीएमबीआई का लक्ष्य मार्च 2027 तक 25,000 केंद्र स्थापित करना जिससे दवाओं का वितरण अंतिम छोर तक मजबूत किया जा सके।
