कृषि मंत्री ने किसानों की ओर से PM मोदी को दिया धन्यवाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि किए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रदेश के करोड़ों अन्नदाताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल का धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिया गया यह निर्णय किसानों की आमदनी बढ़ाने, उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत कल्याणकारी कदम है।
कृषि मंत्री ने बताया कि विपणन सत्र 2027-28 के लिए अनिवार्य रबी फसलों के समर्थन मूल्य में की गई यह वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 की उस घोषणा के पूर्णतः अनुरूप है, जिसमें उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित दरों में कुसुम के एमएसपी में सर्वाधिक 675 रुपये प्रति कुंतल की पूर्ण वृद्धि की गई है, जिससे इसका समर्थन मूल्य 7,215 रुपये प्रति कुंतल पहुंच गया है। इसके साथ ही तोरिया व सरसों में 413 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोत्तरी कर नया मूल्य 6,613 रुपये, मसूर में 390 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाकर 7,390 रुपये, जौ में 136 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि कर 2,286 रुपये, चना में 83 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि कर 5,958 रुपये तथा गेहूं के समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि कर 2,610 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
गेहूं पर 106% मार्जिन, दलहन-तिलहन को भी बढ़ावा
सूर्य प्रताप शाही ने रेखांकित किया कि लागत पर मिलने वाले मार्जिन के लिहाज से किसानों को गेहूं की उत्पादन लागत पर सर्वाधिक 106 प्रतिशत का सीधा मुनाफा मिलेगा, जबकि तोरिया व सरसों पर 96 प्रतिशत, मसूर पर 92 प्रतिशत, चना पर 59 प्रतिशत, जौ पर 58 प्रतिशत और कुसुम पर 50 प्रतिशत का मार्जिन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि दलहन और तिलहन फसलों के समर्थन मूल्य में की गई इस उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी से उत्तर प्रदेश के किसानों को पारंपरिक खाद्यान्न फसलों के साथ-साथ फसल विविधीकरण अपनाने का मजबूत प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य में तिलहन और दलहन का रकबा तथा उत्पादन दोनों तेजी से बढ़ेंगे।
कृषि मंत्री ने विगत वर्षों के तुलनात्मक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के कालखंड में देश भर में गेहूं की खरीद बढ़कर 3,715 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची है, जो कि वर्ष 2004-05 से 2013-14 की अवधि में हुई 2,254 लाख मीट्रिक टन की खरीद से कहीं अधिक है। इसी तरह छह प्रमुख रबी फसलों की कुल खरीद 2,302 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 3,921 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है। भुगतान के स्तर पर भी गेहूं उत्पादकों को 7.31 लाख करोड़ रुपये तथा छह रबी फसलों के उत्पादकों को कुल 8.36 लाख करोड़ रुपये की एमएसपी राशि का पारदर्शी भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी नीतियों के निरंतर समन्वय से उत्तर प्रदेश के किसानों का जीवन खुशहाल और समृद्ध हो रहा है।
