24 अक्टूबर तक होंगे रजिस्ट्रेशन
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण की बहुप्रतीक्षित वरुण विहार एवं नैमिष नगर आवासीय योजना गुरुवार को लांच हो गयी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने भूमि पूजन करके 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जा रही इन दोनों योजनाओं का शुभारंभ किया। इस मौके पर 2,166 करोड़ रुपये से 05 बहुमंजिला आवासीय योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत स्वीकृत यह दोनों योजनाएं आधुनिक एवं सुव्यवस्थित लखनऊ के विजन को साकार करेंगी।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह एवं योगेश शुक्ला समेत अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि वरुण बिहार एवं नैमिष नगर योजना में 4,520 भूखण्डों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण खोल दिया गया है। 24 अक्टूबर, 2026 तक पंजीकरण कराएं जा सकेंगे। इन आवासीय योजनाओं में 05 लाख से अधिक लोगों के आशियाने का सपना साकार होगा।
नैमिष नगर योजना: आध्यात्मिक जुड़ाव से विकास का मार्ग
सीतापुर रोड पर 4,100 एकड़ क्षेत्रफल में विस्तृत हो रही नैमिष नगर योजना लखनऊ के उत्तरी क्षेत्र के विकास का मॉडल बनेगी। नैमिषारण्य धाम और मां चंद्रिका देवी मंदिर से आध्यात्मिक जुड़ाव, इस योजना को आधुनिक, संतुलित और समृद्ध जीवन का नया केंद्र बनाएगा। योजना के प्रथम चरण में ब्रह्म खण्ड, भूमि खण्ड फेज -1 एवं भूमि खण्ड फेज – 2 में कुल 1,673 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला गया है। इसमें 72 वर्गमीटर से लेकर 450 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखण्ड उपलब्ध होंगे। इस योजना में भूखण्ड की दर 3,800 रुपये प्रति वर्गफीट है।
इस योजना में मेडिटेशन सेंटर, वर्ल्ड क्लास एजुकेशन हब, कल्चरल सेंटर, कम्युनिटी सेंटर, शॉपिंग स्ट्रीट एवं एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) केंद्र जैसी शानदार सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, आई.आई.एम. रोड, सीतापुर रोड, किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर, हजरतगंज मेट्रो स्टेशन एवं सी.सी.एस. इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ अस्पताल तथा विश्वविद्यालय जैसी बेहतरीन कनेक्टिविटी भी है। योजना में लगभग 02 लाख की आबादी को आवासीय सुविधा मिलेगी। साथ ही, शहर के उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यटन में अभूतपूर्व विकास होगा।
नैमिष नगर योजना में उपलब्ध भूखण्ड
- 72 वर्गमीटर के 197 भूखण्ड
- 112.5 वर्गमीटर के 524 भूखण्ड
- 162 वर्गमीटर के 520 भूखण्ड
- 200 वर्गमीटर के 299 भूखण्ड
- 288 वर्गमीटर के 103 भूखण्ड
- 450 वर्गमीटर के 30 भूखण्ड
वरुण विहार योजना: सबसे बड़ी सेल्फ सस्टेनेबल कालोनी
आगरा एक्सप्रेस-वे के निकट 6,580 एकड़ क्षेत्रफल में विस्तृत वरुण विहार योजना शहर की सबसे बड़ी सेल्फ सस्टेनेबल आवासीय कालोनी के रूप में सामने आएगी। योजना के प्रथम चरण काशी खण्ड, कैलाश खण्ड फेज -1 एवं कैलाश खण्ड फेज – 2 में कुल 2,847 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला गया है। इसमें 112.5 वर्ग मीटर से 450 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के भूखण्ड उपलब्ध होंगे। इस योजना में भूखण्ड की दर 2,800 रुपये प्रति वर्गफीट होगी।
वरुण विहार में लगभग 800 एकड़ में ग्रीन बेल्ट/पार्क/वाटर बॉडीज, अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, 70 एकड़ में प्राकृतिक झील, वर्ल्ड क्लास एजुकेशन हब, लगभग 20 एकड़ में स्पोर्ट्स हब, विशाल सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर एवं 300 एकड़ में लॉजिस्टिक पार्क जैसी शानदार सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, आगरा एक्सप्रेसवे, किसान पथ, चारबाग रेलवे स्टेशन एवं सी.सी.एस. इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ अस्पताल, मेडिकल कॉलेज तथा विश्वविद्यालय जैसी बेहतरीन कनेक्टिविटी भी है। योजना में लगभग 03 लाख की आबादी को आवासीय सुविधा मिलेगी। साथ ही, शहर के उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा व लॉजिस्टिक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास होगा।
वरुण विहार योजना में उपलब्ध भूखण्ड
- 112.5 वर्गमीटर के 1,517 भूखण्ड
- 162 वर्गमीटर के 460 भूखण्ड
- 200 वर्गमीटर के 612 भूखण्ड
- 288 वर्गमीटर के 68 भूखण्ड
- 300 वर्गमीटर के 81 भूखण्ड
- 450 वर्गमीटर के 109 भूखण्ड
एलडीए की आधिकारिक वेबसाइट से ही होगा पंजीकरण
नैमिष नगर एवं वरुण विहार में भूखण्डों के लिए पंजीकरण 24 सितंबर, 2026 से 24 अक्टूबर, 2026 तक खोल दिए गए हैं। पंजीकरण एलडीए की आधिकारिक बेवसाइट registration.ldalucknow.in के माध्यम से ही कराया जा सकेगा। एकमुश्त भुगतान के विकल्प का चयन करने पर आवंटन में वरीयता दी जाएगी।
आर्थिक विकास एवं रोजगार के अवसर
इन दोनों परियोजनाओं के विकसित होने से बड़े पैमाने पर निवेश होने से प्रदेश का आर्थिक विकास तो होगा ही, बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। रियल एस्टेट सेक्टर नयी ऊंचाईयों को प्राप्त करेगा और लखनऊ के विकास का नया ग्रोथ कॉरिडोर तैयार होगा। यह केवल 02 आवासीय योजनाओं का शुभारंभ नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य के विस्तार और विकास की नयी दिशा का उद्घोष है।
किसानों ने निभाई विकास में साझेदारी
इतनी बड़ी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि जुटाना आसान नहीं था। लेकिन, उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के तहत किसानों की सहमति और सहभागिता को प्राथमिकता दी गयी। भूमि की खरीद बाजार भाव पर की गयी और मुआवजे की पूरी धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गयी। किसानों को उनकी भूमि का उचित मूल्य समय पर मिला और वे आवासीय एवं शहरी विकास की प्रक्रिया में सहभागी बने।
05 बहुमंजिला आवासीय योजनाओं का शिलान्यास
लखनऊ विकास प्राधिकरण का लक्ष्य शहर के सभी वर्गों के नागरिकों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में एलडीए ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 09 हजार से अधिक आवासों का निर्माण किया है, जहां वर्तमान में हजारों परिवार रह रहे हैं। अब एलडीए द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत अदिति अपार्टमेंट और वागेश्वरी अपार्टमेंट के माध्यम से जरूरतमंद एवं पात्र लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास और अफोर्डेबल आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग के लिए लेक व्यू अपार्टमेंट, पार्क व्यू अपार्टमेंट और ऐशबाग स्क्वॉयर अपार्टमेंट के माध्यम से आधुनिक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- विराज खण्ड, गोमती नगर में विकसित लेक व्यू अपार्टमेंट में 3BHK + सर्वेंट के 646 फ्लैट हैं।
- राष्ट्र प्रेरणा स्थल के सामने, बसंत कुंज में विकसित पार्क व्यू अपार्टमेंट में 3BHK + स्टडी के 364 फ्लैट हैं।
- ऐशबाग मिल रोड में विकसित ऐशबाग स्क्वॉयर में 3BHK + सर्वेंट के 384 फ्लैट हैं।
- अनंत नगर योजना, मोहान रोड में विकसित अदिति अपार्टमेंट में 2 BHK के 980 (अफोर्डेबल) फ्लैट हैं।
- अनंत नगर योजना, मोहान रोड में विकसित अदिति अपार्टमेंट में 1 BHK के 412 (प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0) फ्लैट हैं।
- शारदा नगर विस्तार योजना में विकसित बागेश्वरी अपार्टमेंट में 1 BHK के 312 (प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0) फ्लैट हैं।
