Global Garment Clusters और Apparel Manufacturing को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश के परिधान उद्योग को संगठित, प्रतिस्पर्धी और निर्यातोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में यू.पी. टेक्स-2026 के प्रथम दिन के तीसरे सत्र में “स्केल यूपी अपरैल: असंगठित विनिर्माण से वैश्विक स्तर के गारमेंट क्लस्टर्स तक” विषय पर केंद्रित पैनल चर्चा आयोजित की गई।
चर्चा में उत्तर प्रदेश के पऱिधान उद्योग को संगठित, प्रतिस्पर्धी एवं निर्यातोन्मुख विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक नीतिगत एवं औद्योगिक उपायों पर विचार किया गया। पैनलिस्टों ने आधुनिक विनिर्माण प्रणालियों, स्वचालन, डिजिटल उत्पादन नियोजन, गुणवत्ता मानकों, वैश्विक अनुपालन आवश्यकताओं तथा बड़े उद्योगों एवं एमएसएमई इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। सत्र की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, हथकरघा एवं वस्त्र, उत्तर प्रदेश सरकार अनिल कुमार सागर ने की। संचालन टीटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय जैन ने किया।

पैनल में खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान, नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल, पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड (जॉकी इंडिया) के हेड प्रोजेक्ट्स फनीश राव, फाइन लाइन्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेतन गौतम, अरविंद लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंकुर त्रिवेदी, रोजाना रूरल कॉमर्स के मुख्य रणनीति एवं लोक नीति अधिकारी तथा रोजाना फाउंडेशन के सीईओ कुमार प्रियदर्शी, स्वागत सेल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षय जैन तथा कपूर एंटरप्राइजेज के निदेशक सौरभ कपूर ने सहभागिता की।
चर्चा में राज्य में एकीकृत गारमेंट क्लस्टर्स, निवेश आकर्षण और निर्यात संवर्धन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उपायों पर सुझाव दिए गए। विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित करने को उत्तर प्रदेश के परिधान उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

यू.पी. टेक्स-2026 के इन तकनीकी सत्रों में सामने आए विचारों एवं सुझावों से उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी वस्त्र एवं परिधान विनिर्माण राज्यों में स्थापित करने की दिशा में स्पष्ट कार्ययोजना सामने आई। निवेश, औद्योगिक अवसंरचना, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी उन्नयन, निर्यात वृद्धि और रोजगार सृजन के माध्यम से प्रदेश को वैश्विक वस्त्र आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने पर जोर दिया गया।
