आयुष अस्पतालों में दवाईयों की कमी न होने पाए
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने आज सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों, योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आयुष विभाग के अंतर्गत 50 बेड वाले अस्पताल की बिल्डिंग बनी है उसका विशेष ध्यान दें। प्रचार-प्रसार के लिए 50 बेड अस्पताल में कैम्प लगाकर कार्यक्रम कराये। उन्होंने 50 बेड के शेष आयुष चिकित्सालय का कार्य प्राथमिकता पर पूरा कराने के निर्देश दिये।
आयुष अस्पतालों को जल्द शुरू करने के निर्देश
आयुष मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन अस्पतालों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराकर उनका लोकार्पण कराया जाए तथा उन्हें जल्द से जल्द जनसेवा के लिए संचालित किया जाए, ताकि आमजन को आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित अधिकारी समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर ऐसे अस्पतालों को शीघ्र क्रियाशील कराएं।

डा0 दयालु ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल भवनों की साफ-सफाई, रखरखाव एवं बेहतर व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। अस्पताल परिसर में स्वच्छ, स्वस्थ एवं मरीजों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जहां अस्पतालों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां उपलब्ध स्थान पर पौधरोपण कराया जाए तथा परिसर को अधिक से अधिक सुंदर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को बेहतर चिकित्सा के साथ स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण भी मिलना चाहिए।
दवा आपूर्ति और भर्ती प्रक्रिया में तेजी के निर्देश
डा0 ‘दयालु’ ने अस्पतालों में औषधियों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। दवाओं की मांग, आपूर्ति एवं वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने आयुष विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन भिजवाने के लिए भी प्राथमिकता पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
आयुष मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए विभागीय व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार आवश्यक है। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डॉ0 दयालु ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाओं एवं परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्माण, संचालन, औषधि आपूर्ति एवं अन्य कार्यों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने मंत्री को आयुष विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने मंत्री जी को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
बैठक में विशेष सचिव आयुष मदन सिंह गर्ब्याल, आयुष महानिदेशक एवं निदेशक आयुष मिशन गौरी शंकर प्रियदर्शी, आयुर्वेद निदेशक डा0 नारायण दास, होम्योपैथी निदेशक डा0 प्रमोद कुमार सिंह, यूनानी निदेशक प्रो0 जमाल अख्तर सहित आयुष विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
