योगी सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने बढ़ाई समयसीमा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के हित में राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 मौसम के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं चयनित जनपदों में संचालित पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत ऋणी कृषकों के फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 10 सितंबर 2026 कर दी है। प्रदेश के प्रदेश सरकार द्वारा किए गए अनुरोध को स्वीकार करते हुए भारत सरकार ने प्रदेश के सभी जनपदों के ऋणी कृषकों को राहत दी है। कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी पात्र किसानों से आह्वान किया है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसमीय जोखिमों से सुरक्षित रखें।
फसल बीमा से किसानों को आर्थिक सुरक्षा, 10 सितंबर तक मौका
प्रदेश के सभी जनपदों में प्राकृतिक आपदा एवं प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण फसल नुकसान से किसानों की आय को स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शासन द्वारा वर्ष 2026-27 में भी इन योजनाओं को पूर्ववत लागू किया गया है। तिथि विस्तार की सूचना प्रदेश के सभी बैंकों और संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक पात्र ऋणी कृषकों को आच्छादित कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
प्रदेश में फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को व्यापक आर्थिक संबल मिल रहा है। वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश के 69.22 लाख लाभार्थी किसानों को कुल 6,119.93 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है। खरीफ 2025 में 20.63 लाख बीमित कृषकों में से 7.27 लाख किसानों को 808.56 करोड़ रुपये तथा रबी 2025-26 में 1.67 लाख किसानों को 134.60 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। इस संबंध में सभी पात्र ऋणी किसानों से बिना विलंब अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर 10 सितंबर तक बीमा कराने की अपील की गई है।
