कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने बंदियों को बहनों से राखी बंधवाने के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के अधिकारियों को दिए निर्देश
लखनऊ। कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि आज प्रदेश की सभी कारागारों में भाई-बहन के पवित्र प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए कारागारों में पहुंच रही हैं और उनकी कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद एवं स्वस्थ जीवन की कामना कर रही हैं।
बंदियों के परिजनों के लिए सुगम मुलाकात की व्यवस्था
कारागार मंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को देखते हुए प्रदेश की सभी कारागारों के जेल अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश दिए गए हैं कि बंदियों से मिलने के लिए आने वाली उनकी बहनों एवं अन्य परिजनों के लिए समुचित, सुचारू एवं सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी भी महिला अथवा परिजन को असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि कारागारों में निरुद्ध बंदियों को भी अपने परिजनों एवं विशेषकर बहनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाने का अवसर मिलना उनके भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस दौरान कारागार प्रशासन द्वारा मुलाकात की प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं सुगम बनाए रखने के साथ-साथ आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य कारागारों को केवल दंड देने का स्थान न बनाकर सुधार, पुनर्वास और मानवीय संवेदनाओं का केंद्र बनाना है। त्योहारों के अवसर पर बंदियों को अपने परिवार से जुड़ने का अवसर देने से उनमें सकारात्मक सोच और समाज की मुख्यधारा में लौटने की भावना को बल मिलता है। कारागार मंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेश की सभी बहनों और भाइयों के सुख, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
लखनऊ जेल में बहनों के लिए हेल्प और मेडिकल डेस्क की व्यवस्था
जिला कारागार लखनऊ के बाहर हेल्प डेस्क बनाई गई जिससे कि बाहर से रक्षाबंधन के लिये आई बहनों को कोई समस्या न हो, मुलाक़ातियों के लिए मिष्ठान, पानी और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था की गई है। चिकित्सीय समस्या के लिये मेडिकल डेस्क बनाई गयी जिसमें किसी तरह की मेडिकल समस्या होने पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। जो मुलकाती बहनें राखी, रोली, अक्षत, मिठाई न लाये हों उनको कारागार प्रशासन द्वारा यह सब उपलब्ध कराईं जा रही हैं। जेल से वरिष्ठ अधीक्षक आर के जायसवाल,जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी और समस्त कारागार कर्मी व्यवस्थाओं को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
