‘विजिट माई स्टेट’ के तहत दो दिवसीय सफर में दिखा पर्यटन का नया अंदाज
वाराणसी। काशी की आध्यात्मिकता, सारनाथ की बौद्ध विरासत और चुनार किले के इतिहास को करीब से देखने के बाद 80 बाइक राइडर्स अब पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच पहुंचे। उत्तर प्रदेश पर्यटन के ‘द राइडिंग चैप्टर्स’ के दूसरे संस्करण के तहत रविवार को राइडर्स ने देवदरी और राजदरी जलप्रपातों का रुख किया। हरे-भरे जंगलों, घुमावदार सड़कों और मानसून से निखरे प्राकृतिक नजारों के बीच हुआ यह सफर पूर्वी यूपी के पर्यटन के एक अलग और रोमांचक पहलू से रूबरू कराने वाला रहा।
दो दिवसीय इस राइड की शुरुआत सुल्तानपुर और जौनपुर से होते हुए वाराणसी क्षेत्र में पहुंचने के साथ हुई थी। राइडर्स ने सारनाथ में बौद्ध विरासत को जाना और इसके बाद ऐतिहासिक चुनार किले का भ्रमण किया। रात में काशी आनंदम में ठहरने के बाद रविवार की सुबह यात्रा की शुरुआत शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन और गंगा आरती से हुई। इसके बाद राइडर्स जंगलों से होकर गुजरने वाले रास्तों पर आगे बढ़े और देवदरी-राजदरी जलप्रपातों की ओर रवाना हुए।
चुनार-राजदरी सफर ने दिखाई यूपी की अनदेखी प्राकृतिक खूबसूरती
चुनार से राजदरी तक का रास्ता भी राइडर्स के लिए अपने आप में खास अनुभव रहा। प्रतिभागी हर्ष वर्धन गुप्ता ने बताया कि चुनार से राजदरी तक का सफर हरियाली, घुमावदार सड़कों और बदलते भू-दृश्य के कारण बेहद यादगार रहा। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने यह महसूस कराया कि उत्तर प्रदेश में उन पर्यटन स्थलों से आगे भी प्राकृतिक खूबसूरती के कई ऐसे अनुभव मौजूद हैं, जिन्हें आमतौर पर यात्रा की योजना बनाते समय लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
राइड में शामिल गरिमा ने भी इस अनुभव को कम चर्चित रास्तों और स्थलों को जानने के लिहाज से खास बताया। उन्होंने कहा कि सामान्य पर्यटन केंद्रों से दूर लंबे रास्तों पर भी यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित महसूस हुई। पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर समन्वय के चलते राइडर्स बिना किसी चिंता के यात्रा का आनंद ले सके। उनके मुताबिक इस तरह के अनुभव उत्तर प्रदेश में ऐसे ही अन्य कम चर्चित स्थानों की यात्रा करने का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
विरासत, आस्था और रोमांच से सजी राइडिंग चैप्टर्स यात्रा
दो दिनों की इस यात्रा में राइडर्स ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पर्यटन के अलग-अलग रंगों को एक साथ अनुभव किया। एक ओर सारनाथ की बौद्ध विरासत और सदियों पुराने चुनार किले का इतिहास रहा, तो दूसरी ओर काशी की आध्यात्मिक परंपराओं और मानसून में निखरे देवदरी-राजदरी के प्राकृतिक सौंदर्य ने यात्रा को खास बनाया। इस तरह यह राइड केवल बाइक यात्रा नहीं रही, बल्कि विरासत, आस्था, प्रकृति और रोमांच को एक साथ अनुभव करने का अवसर बनी।
उत्तर प्रदेश पर्यटन की ‘विजिट माई स्टेट-उत्तर प्रदेश’ पहल का हिस्सा ‘द राइडिंग चैप्टर्स’ पर्यटकों को प्रदेश के परिचित पर्यटन स्थलों से आगे ले जाने की प्रयास कर रहा है। इसके जरिए कम चर्चित विरासत स्थलों, प्राकृतिक ठिकानों और खूबसूरत सड़क मार्गों को वीकेंड ट्रैवल के आकर्षक विकल्प के रूप में सामने लाया जा रहा है। सारनाथ से चुनार और काशी से देवदरी-राजदरी तक की यह राइड पूर्वी यूपी में विरासत, आस्था और मानसूनी रोमांच को जोड़ते हुए पर्यटन के नए अनुभव की तस्वीर पेश करती है।
