55 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा
लखनऊ/गौतम बुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने के निरंतर प्रयासों के तहत उत्तर प्रदेश भू सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में 47वाँ रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण सत्र बुधवार को इंडियन लिटरेसी बोर्ड (आईएलबी), कानपुर रोड, लखनऊ में प्रारंभ किया गया।
चार दिन का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रियल एस्टेट एजेंटों को रेरा से जुड़े कानूनों की जानकारी, काम से जुड़ी जरूरी कौशल और नैतिक मूल्यों की समझ देने के लिए आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण में 55 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जो प्रमाणित और पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट बनने की तैयारी कर रहे हैं।
UP RERA अध्यक्ष ने पारदर्शी रियल एस्टेट व्यवस्था पर दिया जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी द्वारा किया गया। प्रमुख सलाहकार श्री अबरार अहमद ने चार दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा बताते हुए प्रतिभागियों से प्रत्येक सत्र में पूर्ण समर्पण एवं गंभीरता के साथ भाग लेने की बात कही। उद्घाटन सत्र में सहायक निदेशक अमरीश कुमार, वित्त परामर्शदाता सुधांशु त्रिपाठी, मीडिया सलाहकार प्रांजल दीक्षित उपस्थित रहे।
अपने मुख्य संबोधन में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र की विश्वसनीयता तीन प्रमुख स्तंभों—प्रमोटर (डेवलपर), रियल एस्टेट एजेंट व रेरा—पर आधारित है। इन तीनों हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा क्षेत्र की सकारात्मक छवि गढ़ने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी शंकाएं दूर करने और खुलकर चर्चा करने का अवसर देता है। इसके साथ ही रेरा अधिनियम, अपार्टमेंट ओनरशिप अधिनियम और संपत्ति ट्रांसफर अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों की विस्तृत जानकारी भी दी जाती है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एजेंटों की कानूनी समझ और पेशेवर क्षमता को मजबूत बनाना है, ताकि जानकारी के अभाव में कोई प्रमोटर उनका गलत फायदा न उठा सके।
उन्होंने बताया कि बदलते नियमों और नए प्रावधानों की जानकारी एजेंटों तक लगातार पहुंचाने के लिए समय-समय पर पुनश्चर्या (रिफ्रेशर) प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक भरोसेमंद, जवाबदेह और पारदर्शी रियल एस्टेट व्यवस्था विकसित करना है।”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रेरा ने प्रशिक्षित एजेंटों की सुविधा के लिए एक विशेष ‘एजेंट क्वेरी’ ईमेल की व्यवस्था कर रखी है। इसके माध्यम से एजेंट भविष्य में अपनी शंकाओं, समस्याओं और अन्य जरूरी सवालों के लिए सीधे रेरा से संपर्क कर सकेंगे।
प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय
प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रमुख सलाहकार अबरार अहमद द्वारा रेरा अधिनियम, यूपी-रेरा नियम एवं विनियम” विषय पर सेशन लिया गया। परियोजनाओं के प्रचार एवं विपणन और एजेंट पोर्टल के कार्य पर सिस्टम एनालिस्ट गणेश मिश्रा द्वारा सत्र आयोजित किया गया। वहीं एआईजी रजिस्ट्रार शांति भूषण चौबे ने स्टांप पंजीकरण से संबंधित विधिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान की।
परीक्षा में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित
चार दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने हेतु परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच एवं लैपटॉप सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा में सफल होने व निर्धारित पंजीकरण शुल्क जमा करने के उपरांत अभ्यर्थियों को आधिकारिक पंजीकरण प्रदान किया जाएगा।
अब तक 1,700 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण
अब तक लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा में कुल 46 प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, इसमें 3200 से अधिक अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन किया और 2060 ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया है जिसमें से 43वें बैच तक का परिणाम जारी किया जा चुका है और कुल 1798 अभ्यर्थी परीक्षा देकर सफल रहे हैं। एजेंट पंजीकरण से पूर्व प्रशिक्षण एवं प्रमाणन को अनिवार्य बनाना राज्य में व्यावसायिक मानकों को ऊंचा उठाने के साथ ही घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल है।
