7 फीट ऊंचे त्रिशूल और नाग देवता की विधि-विधान से स्थापना
संजय मिश्र।
देवरिया। सलेमपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा बिंदवलिया मिश्र में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया सोमवार और नाग पंचमी के पावन अवसर पर शिवभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्राम सभा स्थित शिव मंदिर परिसर में सीतापुर के नैमिषारण्य स्थित मां अन्नपूर्णा वृद्धाश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर परमपूज्य संत ज्ञानी जी महाराज के सानिध्य में विद्वान पंडितों एवं आचार्यों की उपस्थिति में करीब सात फीट ऊंचे त्रिशूल और नाग देवता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर स्थापना की गई।
वैदिक रीति से संपन्न हुआ अनुष्ठान
स्थापना से पूर्व त्रिशूल और नाग देवता को भांगड़ा, ढोल-मजीरा और बैंड-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में मंदिर परिसर तक लाया गया। मंदिर में इससे पहले अखंड अष्टजाम कीर्तन का आयोजन किया गया था। पूरे परिसर को फूलों, बेलपत्र और दीपों से सजाया गया था।
अखंड अष्टजाम कीर्तन के समापन के बाद नाग देवता व त्रिशूल स्थापना की पूजा-अर्चना शुरू हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों ने कलश स्थापना, रुद्राभिषेक और विशेष हवन कराया। आचार्यों ने शिव सहस्रनाम और नाग पंचमी से जुड़े मंत्रों का पाठ किया। इस दौरान पूरे परिसर में ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष और शंखध्वनि से वातावरण शिवमय हो उठा।

ग्रामवासियों का मानना है कि श्रावण सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर नाग देवता व त्रिशूल की स्थापना गांव के लिए अत्यंत मंगलकारी है। मान्यता के अनुसार, शिव मंदिर में त्रिशूल की स्थापना से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा गांव में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
गांव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
धातु से बनी नाग देवता व त्रिशूल स्थापना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया। इस अवसर पर ब्राह्मण भोज और भंडारे का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। हवन के पश्चात भक्तों ने त्रिशूल और नाग देव के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
ग्राम प्रधान महेश्वर मिश्र बबलू एवं उनके बड़े भाई गिरेंद्र मिश्र, पुत्र स्वर्गीय राघव मिश्र, द्वारा शिव लिंग पर धातु से बनी नाग देवता और त्रिशूल स्थापित कराया गया। उन्होंने बताया कि हर वर्ष नाग पंचमी पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है और आगे भी यह परंपरा जारी रहेगी।

इस अवसर पर शिवाकांत मिश्र, विंध्याचल मिश्र, सुनील दुबे, दीनानाथ मिश्र, गंगासागर मिश्र, रामनाथ यादव, सुमंत मिश्र, संजय कुशवाहा, ओम प्रकाश मिश्र, राकेश यादव, मनीष मिश्र,बबलू गिरी (मंदिर पुजारी), राधेश्याम राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिलाएं और दूर-दराज से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। श्रावण मास में शिवभक्ति और नाग पंचमी के पर्व का यह संगम देखकर पूरा बिंदवलिया मिश्र गांव भक्तिमय हो उठा।
