डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक प्रगति सामने आई है। Donald Trump ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घोषणा की कि दोनों देश एक निर्णायक शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।
इस अस्थायी समझौते के तहत Strait of Hormuz को खोलने पर सहमति बनी है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि जमीनी हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अमेरिका और उसके सहयोगियों, विशेष रूप से Israel, द्वारा किए जा रहे हमलों पर भी इस दौरान अस्थायी रोक लगने की संभावना जताई जा रही है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी इस युद्धविराम की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सीजफायर के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, जो ईरानी सेना के समन्वय से संचालित होगी। इस समझौते में Pakistan की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बताया कि यह युद्धविराम केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Lebanon सहित अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
दरअसल, इस पूरे संघर्ष का केंद्र बिंदु स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। ईरान द्वारा इस पर नियंत्रण कड़ा किए जाने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दबाव बढ़ गया था, जिसके चलते अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीजफायर की दिशा में कदम तेज किए। Donald Trump ने यह घोषणा वाशिंगटन समयानुसार शाम 6:32 बजे की, जो उनकी निर्धारित समयसीमा के भीतर थी। इससे पहले उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान समय सीमा के भीतर सहमत नहीं होता, तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।
