लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा, राज्यमंत्री, खाद्य तथा रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उ0प्र0 सरकार की अध्यक्षता में गेहूँ की प्रगति तथा गेहूँ क्रय में वृद्धि किये जाने के उपायों के सम्बन्ध में राज्य क्रय एजेन्सियों के साथ समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में रणवीर प्रसाद, प्रमुख सचिव/आयुक्त, प्रशान्त शर्मा, महा प्रबन्धक भारतीय खाद्य निगम, कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त, डा0 चन्द्र भूषण त्रिपाठी, प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0एफ0, शशि भूषण तोमर, वित्त नियंत्रक, श्री अशोक कुमार पाल, सम्भागीय खाद्य नियंत्रक, (मुख्यालय), श्रीकान्त गोस्वामी, प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0यू0, श्री एन0के0 सिंह प्रबन्ध निदेशक, यू0पी0एस0एस, रमेश बाबू गुप्ता, प्रबन्ध निदेशक, राज्य भण्डारण निगम,अरविन्द कुमार सिंह, उपनिदेशक, मण्डी परिषद, श्री अरविन्द सिंह, क्षेत्रीय प्रबन्धक नैफैड, जसवीर सिंह, क्षेत्रीय प्रबन्धक एन0सी0सी0एफ0 एवं सम्भागों से सम्भागीय खाद्य नियंत्रकों द्वारा वीडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया गया।
मंत्री को अवगत कराया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत गेहॅू का समर्थन मूल्य रू0 2585 प्रति कुन्तल निर्धारित है, जो गतवर्ष से रू0 160 प्रतिकुन्तल अधिक है। विभिन्न क्रय एजेन्सियों के प्रस्तावित 6500 क्रय केन्द्रों के सापेक्ष अबतक 5439 क्रय केन्द्र अनुमोदित किये जा चुके हैं। प्रदेश में गेहूँ खरीद आरम्भ है अब तक 51 जनपदोें के 464 क्रय केन्द्रों पर 2085 किसानों से 13388 मी0टन की खरीद हो चुकी है। भारत सरकार द्वारा 10.00 लाख मी0टन क्रय लक्ष्य निर्धारित किया गया है, परन्तु प्रदेश में इस वर्ष 30.00 लाख मी0टन से अधिक आवक होने की सम्भावना है। गेहूँ खरीद हेतु उचित दर विक्रेताओं से उपयोगी बोरे क्रय की अनुमति प्राप्त हो गयी है। 76,000 नये पी0पी0 गांठ बोरों का आवंटन भारत सरकार से प्राप्त हुआ है जिसके सापेक्ष 10,000 नये पी0पी0 गांठ बोरों का आर्डर सम्बन्धित फर्म को दिया जा चुका है अवशेष 66,000 पी0पी0 गांठों का रि-टेण्डर किया गया है। इसके अतिरिक्त 20,000 नये जूट गांठ बोरों का भी भारत सरकार से आवंटन प्राप्त हुआ है, सम्भाग स्तर से उपयोगी बोरों के क्रय हेतु टेण्डर प्रकाशित किये जा रहें हैं एवं उचित दर विक्रेताओं से भी बोरे क्रय किये जाने की अनुमति शासन स्तर से भी प्राप्त हो गयी है। इस प्रकार गेहूँ क्रय हेतु पर्याप्त बोरे उपलब्ध रहेंगे।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अन्तर्गत प्रदेश में कुल 62.30 लाख मी0टन धान की खरीद की गयी है। जिसके सापेक्ष 37.70 लाख मी0टन सी0एम0आर0 केन्द्रीयपूल में प्रेषित किया जा चुका है। 3.05 लाख मी0टन धान का प्रेषण राइस मिलों को किया जाना शेष है। भारतीय खाद्य निगम के पास भण्डारण स्थल की कमी के कारण सी0एम0आर0 सम्प्रदान तेजी से नहीं हो पा रहा है। पी0डी0एस0 के खाद्यान्न उठान से रिक्त होने वाले स्पेस में ही सी0एम0आर0 का उतार हो पा रहा है।
मंत्री द्वारा निम्न निर्देश दिये गये:-
सभी क्रय एजेन्सियां लक्ष्य के अनुरूप क्रय केन्द्रों का अनुमोदन कराते हुए क्रय केन्द्रों को शीघ्र क्रियाशील कराना सुनिश्चित करें। प्रदेश के सभी जनपदों में गेहूँ खरीद प्रारम्भ करायें। उपयोगी बोरों के क्रय हेतु टेण्डर की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर दें। उचित दर विक्रेताओं से सही गुणवत्ता के बोरे खरीदे जाये। प्रत्येक क्रय केन्द्र पर बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित रहें। क्रय केन्द्रों पर बैनर फ्रन्ट पर लगाया जाये एवं बैनर पर समस्त आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित हो। समस्त संचालित क्रय केन्द्र समय से खोले जाये तथा क्रय केन्द्रों पर किसानों के बैठने, पीने का पानी, खरीद सम्बन्धी उपकरण, बोरा, साफ-सफाई आदि व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से हो।
समस्त क्रय एजेन्सियों सुनिश्चित करें कि किसानों को गेहूॅ विक्रय करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो एवं कोई भी शिकायत न होने पाय। केन्द्रों से प्राप्त होने वाली शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाये। किसान भाईयों के मध्य मीडिया के माध्यम से गेहॅू के समर्थन मूल्य में रू0 160 प्रति कुन्तल की हुई वृद्धि का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये। किसानों को प्रेरित कर अधिक से अधिक संख्या में उनका ई-उपार्जन पोर्टल पर आॅनलाइन पंजीकरण कराया जाये। गेहूॅ के सुरक्षित भण्डारण की प्लानिंग समय से पूर्ण कर ली जाये। अवशेष सी0एम0आर0 का सम्प्रदान सम्बन्धित डिपो पर शीघ्र करायेें।
