- आवंटित धनराशि का 28 मार्च तक शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए
- गौ संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही -धर्मपाल सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये हैं कि चालू वित्तीय वर्ष हेतु सभी मदों में आवंटित धनराशि का 28 मार्च तक शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। किसी भी दशा में बजट सरेण्डर न किया जाए। आवंटित बजट का एक रूपया भी न लैप्स होने पाये। जिन योजनाओं या कार्यों का भुगतान लंबित है उसे तत्काल पूरा किया जाए।
मंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओ को निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए और कार्य समाप्ति के उपरान्त संबंधित योजना का उपयोगिता प्रमाण पत्र यथाशीघ्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनामी के लक्ष्य को हासिल करने में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की अहम भूमिका है। इसलिए योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। समय पर धनराशि आवंटित की जाए और उसका सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने कहा कि गौ संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसलिए अधिकारियों द्वारा गौ संरक्षण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता न बरती जाए। गौशालाओं में निराश्रित गोवंश को गर्मी एवं लू से बचाव हेतु स्वच्छ पेयजल, चारा तथा तिरपाल आदि की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा लघु पशुपालन जैसी लाभार्थीपरक योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए ताकि किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी लोगों को इसका लाभ मिल सके और स्वरोजगार के भी अवसर उपलब्ध हो सके।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने मंत्री को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न योजनाओं में बजट आवंटन तथा वित्तीय स्वीकृतियों का कार्य समयबद्ध रूप से पूरा कर लिया जाए और आवंटित बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियों को समय से निर्गत कराकर धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में निदेशक प्रशासन एवं विकास डा0 मेमपाल सिंह, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डा0 राजेन्द्र प्रसाद सहित पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मुख्यालय एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
