गौतमबुद्धनगर/लखनऊ। प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा शुक्रवार को की गई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खाद्य एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा तथा वस्त्र उद्योग विभाग के मंत्री राकेश सचान ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में अधिकारियों और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पात्र युवाओं तक योजना का लाभ हर हाल में समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। बैठक के दौरान मंत्री सचान ने कहा कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि मार्च 2026 के शेष दिनों में लंबित सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। बिना पर्याप्त और ठोस कारण के आवेदनों को निरस्त करना स्वीकार्य नहीं होगा। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित बैंक शाखाओं और अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री सचान ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में 1.5 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 1.25 लाख से अधिक युवाओं को 5150 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो योजना की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक युवा उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बनें। बैठक में मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर मंडल के 17 जनपदों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि इन तीनों मंडलों में 27 हजार से अधिक ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें अब तक लगभग 19 हजार आवेदनों का निस्तारण किया गया है। शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए 19 मार्च और 25 मार्च को विशेष ऋण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लंबित आवेदनों का समाधान कर लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री सचान ने कहा कि कुछ बैंकों, विशेष रूप से निजी बैंकों द्वारा ऋण वितरण में अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बैंक सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग नहीं करते हैं तो उनके यहां रखी गई सरकारी जमा राशि पर भी पुनर्विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना उचित कारण निरस्त किए गए आवेदनों की पुनः समीक्षा कर पात्र युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी के उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि विभाग की ओर से 10 प्रतिशत मार्जिन मनी भी दी जा रही है। महिलाओं के लिए 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी का प्रावधान किया गया है, जिससे वे भी उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
मंत्री सचान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपदों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान, शिविर और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि अधिक से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ना है। बैठक में अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार , सीएम युवा मिशन राज्य नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला, अपर आयुक्त उद्योग मेरठ मंडल उमेश सिंह, उपायुक्त उद्योग गौतमबुद्धनगर पंकज निर्वाण, बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि तथा उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
