- “भारतीय रेलवे ने क्षेत्रीय व्यंजनों से यात्रियों की सुविधा बढ़ाई
- गुजरात में थेपला, पश्चिम बंगाल में माछेर झोल, कर्नाटक में मेदु वड़ा
- मध्य प्रदेश में इंदौरी पोहा और राजस्थान में प्याज कचौरी का आनंद।”
डेस्क। रेल मदद भारतीय रेलवे की शिकायत निवारण प्रणाली है, जो यात्रियों को शिकायत, सहायता और पूछताछ के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रदान करती है। रेलमदद के माध्यम से यात्री हेल्पलाइन नंबर 139, रेलमदद वेब, ऐप और एसएमएस जैसे कई माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। रेलमदद यात्रियों को उनकी शिकायत के समाधान पर फीडबैक देने की सुविधा भी प्रदान करता है।
भारतीय रेलवे अपनी ट्रेनों में हर साल लगभग 58 करोड़ भोजन परोसता है, जिनमें शिकायतों की औसत दर केवल लगभग 0.0008% है, जिसमें अधिक वसूली (ओवरचार्जिंग) से संबंधित शिकायतें भी शामिल हैं। इन शिकायतों की जांच के बाद पिछले तीन वर्षों में ₹2.6 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। वर्ष 2025 के दौरान पैंट्री कार स्टाफ द्वारा रेल यात्रियों पर हमले की 3 घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। संबंधित सरकारी रेलवे पुलिस द्वारा पैंट्री कार स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। भारतीय रेलवे लगातार यह प्रयास कर रहा है कि यात्रियों को निर्धारित दरों पर खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं। इसे सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। ट्रेनों में ओवरचार्जिंग रोकने के लिए रेलवे द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- यात्रियों को मेन्यू और दरों की जानकारी देने के लिए लिंक सहित एसएमएस भेजा जाता है।
- बिलिंग और कैशलेस भुगतान के लिए पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों की स्थापना।
- बिलिंग को बढ़ावा देने और ओवरचार्जिंग रोकने के लिए जागरूकता अभियान।
- पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (पीडीडब्ल्यू) बाल्टी और चाय/कॉफी कंटेनरों पर रेट स्टिकर।
- मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में ई-पैंट्री सेवा शुरू, जिससे यात्री ऑनलाइन भोजन बुक कर सकें।
- कैटरिंग स्टाफ के लिए क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र लागू।
- कैटरिंग आइटम और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की दरों की जानकारी के लिए पंपलेट वितरण।
- ओवरचार्जिंग और बिलिंग की जांच के लिए विशेष निरीक्षण अभियान।
- ओवरचार्जिंग पाए जाने पर उचित जुर्माना लगाया जाता है।
- ट्रेनों में ऐसी कोई घटना रिपोर्ट होने पर सेवा प्रदाताओं के खिलाफ तुरंत और उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।
ट्रेनों में क्षेत्रीय व्यंजन
रेल मंत्रालय ने वाणिज्यिक परिपत्र संख्या 25/2022 के माध्यम से आईआरसीटीसी को ट्रेनों के मेन्यू को क्षेत्रीय व्यंजनों, मौसमी पकवानों और हेल्दी फूड विकल्पों (जिसमें मिलेट आधारित उत्पाद शामिल हैं) के अनुसार अनुकूलित करने की अनुमति दी है। उपरोक्त निर्देश के अनुसार आईआरसीटीसी ने यात्रियों के फीडबैक के आधार पर मेन्यू तैयार किया है। आईआरसीटीसी समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों को व्यक्तिगत अनुभव देने के लिए क्षेत्रीय व्यंजन शुरू करता रहा है। ट्रेनों में शुरू किए गए कुछ क्षेत्रीय व्यंजन इस प्रकार हैं:
| क्रमांक | राज्य | व्यंजन सामग्री |
| 1. | ओडिशा | दलमा, चेन्ना पोडा |
| 2. | तमिलनाडु | सेट दोसाई, पालकट्टी चेट्टीनाड |
| 3. | कर्नाटक | मेदू वड़ा |
| 4 | राजस्थान | प्याज कचौरी |
| 5 | महाराष्ट्र | वड़ा पाव |
| 6 | पश्चिम बंगाल | माछेर झोल |
| 7 | गुजरात | थेपला |
| 8 | झारखंड | सिंगारा, फुलुरी, आलू चोखा, आलू परवल |
| 9 | मध्य प्रदेश | कांदा पोहा, इंदौरी पोहा, सेव टमाटर सब्जी, अजवाइन पराठा, रागी भाखरी,पात्रा भागर, खोया चिकन, रागी थेपला, |
इन क्षेत्रीय/स्थानीय व्यंजनों को शामिल करने से यात्रियों को प्रामाणिक स्थानीय स्वादों का आनंद लेने और स्थानीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। यह जानकारी रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
